शुक्रवार से संसद का शीतकालीन सत्र, FRDI बिल और GST पर हंगामे के आसार

 संसद सत्र हंगामेदार रहने के आसार, नोटबंदी समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

शुक्रवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. विपक्षी पार्टियां गवर्नमेंट को राफेल, अर्थव्यवस्था पर GST (वस्तु एवं सेवा कर) व नोटबंदी के बुरे प्रभाव, किसानों की दुर्दशा व धार्मिक असिहष्णुता पर घेरने की तैयारी में हैं. गुजरात चुनाव के कारण देरी से शुरू हो रहे सत्र पर गुजरात व हिमाचल प्रदेश के नतीजे का भी असर होगा. अगर बीजेपी गुजरात व हिमाचल प्रदेश में जीत दर्ज करती है तो कांग्रेस के नए अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दों पर भाजपा को घेरना मुश्किल हो जाएगा.

एक माह तक चलने वाला शीतकालीन सत्र प्राय: नवंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होता है और क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाता है. इस वर्ष शीत सत्र 15 दिसंबर से पांच जनवरी तक चलेगा. क्रिसमस की वजह से 25 व 26 दिसंबर को छुट्टी रहेगी. कांग्रेस की अगुवाई में 17 अन्य विपक्षी पार्टियां एक साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) गवर्नमेंट को घेरने की कोशिश करेंगी.

तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने कहा कि इस बार GST व नोटबंदी का अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव, धार्मिक असहिष्णुता, राजस्थान में पश्चिम बंगाल के मजदूर का मारा जाना जैसे बड़े मुद्दे संसद में उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां इस मुद्दों पर सामंजस्य बिठाएंगी. विपक्षी पार्टियों में माकपा, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और द्रमुक सहित अन्य पार्टियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे संसद में गवर्नमेंट को घेरने के लिए साथ में सामंजस्य बिठा कर सरकार पर हमला करेंगे.

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