धर्म प्रसंग : क्यूं कहे जाते हैं गणेश जी एक दन्त, क्या हैं इसके पीछे छुपे किस्से-कहानियां

धर्म प्रसंग : क्यूं कहे जाते हैं गणेश जी एक दन्त, क्या हैं इसके पीछे छुपे किस्से-कहानियां

गणेशजी को एकदन्त कहते हैं यह बात सभी जानते हैं. लेकिन इसके पीछे क्या कारण है. इस बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होगा. आज लोगों की जानकारी बढ़ाने के लिए हम आपको कुछ छोटी–छोटी कहानियां बताते हैं. भव‌िष्य पुराण की कथा के अनुसार बाल्यवस्था में गणेश जी कुमार कार्त‌िकेय को परेशान कर द‌िया. जिसपर क्रोध‌ित होकर कार्त‌िकय ने गणेश जी का एक दांत तोड़ द‌िया. यह बात भगवान शिव तक पहुंची तो कार्त‌िकेय ने टूटा हुआ दांत गणेश जी को वापस तो कर द‌िया लेक‌िन साथ में एक शाप भी दे द‌िया क‌ि गणेश जी को हमेशा यह टूटा दांत अपने हाथ में रखना होगा. यदि ऐसा नहीं होता है तो गणेश जी भष्म हो जाएंगे. 

धर्म प्रसंग : क्यूं कहे जाते हैं गणेश जी एक दन्त, क्या हैं इसके पीछे छुपे किस्से-कहानियां

इसके अलावा एक दूसरी कथा यह भी है क‌ि एक बार परशुराम जी कैलाश पर्वत पर पधारे और उस समय भगवान श‌िव ध्यानमग्न थे. परशुराम शिव भगवान से मिलना चाहते थे लेकिन गणेश जी ने म‌िलने से रोक द‌िया. इसके बाद परशुराम जी और गणेश जी में भीषण युद्ध हुआ. युद्ध इतना भीषण था परशुराम के फरसे के एक वार से गणेश जी का एक दांत टूट गया. जिस वजह से वह एकदंत कहलाये. 

धर्म प्रसंग : क्यूं कहे जाते हैं गणेश जी एक दन्त, क्या हैं इसके पीछे छुपे किस्से-कहानियां

एक बार की बात है गजमुखासुर नामक एक असुर से भगवान श्री गणेश का भीषण युद्ध हुआ. गजमुखासुर युद्ध में मर नहीं रहा था क्यूंकि उसे वरदान प्राप्त था कि वह किसी अस्त्र से नहीं मर सकता. तत्पश्चात गणेश जी ने गजमुखासुर को मारने के लिए अपने एक दांत को तोड़ा. टूटे हुए दांत से गजमुखासुर पर वार किया. फिर क्या था गजमुखासुर इससे घबरा गया और मूषक बनकर इधर-उधर भागने लगा. यह देख गणेश जी ने अपने पाश से मूषक बने गजमुखासुर को बांध ल‌िया और उसे अपना वाहन बना ल‌िया. तभी से गजमुखासुर भगवान गणेश का वाहन बन गया और भगवान की सेवा करने लगा.
 

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