सत्तू बनता है पेट को सेहतमंद, खाने में करें इस्तेमाल

 सेहतमंद त्वचा से लेकर पेट तक की सेहत के लिए वरदान है सत्तू, खाने में करें शामिल

गर्मियों में सेहत के लिए सत्तू किसी वरदान से कम नहीं. पेट की सेहत के लिए सत्तू बहुत फायदा पहुंचाता है. सत्तू में फाइबर भरपूर मात्रा में और सोडियम कम मात्रा में मौजूद होता है. इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीज और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी अच्छी मात्रा में होते हैं.  भुने हुए चने को पीसकर सत्तू को बनाया जाता है. गर्मियों में शरीर को तरो-ताजा रखें के साथ ही इसके औउर भी कई फायदे होते हैं. एक नजर इसके जादुई फायदों पर:

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सत्तू सबसे बढ़िया तरीका है. एक गिलास ठंडा सत्तू ड्रिंक आपके पाचन को ठीक रखता है और पेट को भीतर से ठंडक पहुंचाता है. गर्मी में कोल्ड ड्रिंक पाने की बजाय सत्तू ड्रिंक पिएं. 

हर रोज सत्तू ड्रिंक पीने से आपकी त्वचा हाइड्रेट रहती है और नई कोशिकाओं को बनने में भी मदद मिलती है. इससे त्वचा नयापन महसूस करती है.

गर्भावस्था के दौरान और माहवारी के दिनों में महिलाओं में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए सत्तू एक बेहतरीन औषधि है. सत्तू में मौजूद विटामिन्स और प्रोटीन्स शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर देते हैं.

बूढें व्यक्तियों के लिए सत्तू अमृत है. बढ़ती उम्र के साथ व्यक्ति को कई समस्याएं घेर लेती हैं जिनमें खराब पाचन, पेट फूलना, कब्ज, एसिडिटी और दिल से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती हैं इनमें सत्तू काफी लाभदायक होता है.

गर्मियों में हम जल्दी थक जाते हैं और कमजोरी महसूस करने लग जाते हैं. सत्तू ड्रिंक एक अच्छा एनर्जी बूस्टर है, जो आपको अंदर से ताकत देता है और आप जल्दी थकते नहीं हैं और आप स्वस्थ्य रहते हैं

अगर आप लंबे, घने, सुंदर और काले बाल चाहते हैं, तो आपको अपनी रोज की डाइट में सत्तू ड्रिंक का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए. पोषक तत्वों की कमी की वजह से बाल पतले होना, बालों का झड़ना और वक्त से पहले सफेद हो जाना जैसी कई समस्याएं हो जाती हैं. हमारे शरीर की ही तरह हमारे बालों को भी पोषक तत्वों का आवश्यकता होती है और सत्तू में मौजूद प्रोटीन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट इस कमी को पूरा कर देते हैं.

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सत्तू वरदान की तरह है. सत्तू शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सत्तू को पानी में घोलकर उसमें नमक डालकर लेने की सलाह दी जाती है.

बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सत्तू काफी प्रचलित है. ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर अब शहरी क्षेत्रों में भी सत्तू का इस्तेमाल बढ़ा है. सत्तू का परांठे, लड्डू और लिट्टी-चोखा बनाने में उपयोग किया जाता है.

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