आतंकियों के निशाने चढ़े मुस्लिम धर्मगुरु, पाकिस्तान में हुआ अपहरण

आतंकियों के निशाने चढ़े मुस्लिम धर्मगुरु, पाकिस्तान में हुआ अपहरण

यह बात बिलकुल सच है कि आतंकियों का कोई सगा नहीं होता. हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादा नशीन और उनके भतीजे के लापता होने पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका आतंकियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है. कुछ लोगों का तो यहाँ तक कहना कि इन्हें कुछ खुफ़िया एजेंसी भी पकड़ सकती हैं. हो सकता है किसी तरह की पूछताछ के बाबत उन्हें पकड़ा गया है.

इस बारे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादा नशीन और उनके भतीजे के लापता होने का मुद्दा भारत ने पाकिस्तान के समक्ष उठाया है. आगे सुषमा ने कहा, 80 वर्षीय सैयद आसिफ निजामी और उनके भतीजे नाजिम अली निजामी आठ मार्च 2017 को पाकिस्तान गए थे. वह दोनों लाहौर में मशहूर दाता दरबार दरगाह गए थे. जहां से उन्हें बुधवार को कराची के लिए विमान यात्रा करनी थी. दरगाह जाने के लिए लाहौर यात्रा पर निकलने से पहले दोनों अपने रिश्तेदारों से मिलने आठ मार्च को कराची गए थे. निजामुद्दीन दरगाह और दाता दरबार के बीच उलेमाओं के आने जाने का सिलसिला परंपरा का एक हिस्सा है.

82 साल के आसिफ निजामी और 66 साल के नजीम अली मिजामी पाकिस्तान में गुरुवार से लापता है. कानून प्रवर्त्तन अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन दोनों का किसी आतंकवादी संगठन ने या तो अपहरण कर लिया है या फिर किसी खुफिया एजेंसी के हत्थे चढ़ गए.

आपको यहाँ एक बात बता दें, हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सैयद आसिफ निजामी और उनके भतीजे नाजिम निजामी लापता हैं. इन दोनों के पास भारत की नागरिकता है. इसलिए भारत ने पाक सरकार से भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी मांगी है.
 

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