जर्मनी पर डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सम्मलेन में साधा निशाना, कहा- आप रूस के बंधक हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सम्मलेन में जर्मनी पर साधा निशाना, कहा- आप रूस को अमीर बना रहे हैं

जर्मनी और अमेरिका एक महीने में दूसरी बार आमने-सामने हो गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार शाम ब्रसेल्स में नाटों नेताओं की मीटिंग में जर्मनी के खिलाफ खुलकर बयान दिए. ट्रम्प ने कहा, एक तरफ हम आपकी रूस से और बाकी देशों से हिफाजत करते हैं, दूसरी तरफ आप रूस से अरबों डॉलर की डील कर लेते हैं. आप तो रूस को अमीर बना रहे हैं. जर्मनी पूरी तरह से रूस के नियंत्रण में है. रूस ने जर्मनी को बंधक बना रखा है. ये ठीक नहीं है. ट्रम्प ने जब यह टिप्पणी की, उस वक्त जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल मौजूद नहीं थीं.

ट्रम्प ने 29 देशों के सैन्य संगठन नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में कहा, बहुत दुख की बात है कि जर्मनी ने रूस के साथ तेल और गैस की एक बड़ी डील की है. ये सही नहीं है. जर्मनी के 70% नैचुरल गैस सेक्टर पर रूस का नियंत्रण हो जाएगा. ये नहीं होना चाहिए.

ट्रम्प के बयानों के बाद जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, मैं पूर्वी जर्मनी के ऐसे इलाके में पली-बढ़ी हूं जो कभी सोवियत संघ का हिस्सा था. मैंने सोवियत संघ के नियंत्रण वाले जर्मनी का अनुभव लिया है. मुझे खुशी है कि आज दोनों देश अलग हैं और आजाद हैं. हम अपनी नीतियां खुद तय करते हैं और ये अच्छी बात है.

एक महीने पहले जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में जी-7 देशों की समिट हुई थी. उसमें जर्मनी, फ्रांस, कनाडा अमेरिका के विरोध में दिखे तो ट्रम्प जी-7 सम्मेलन बीच में छोड़कर चले गए थे. मर्केल ने कहा था कि ट्रम्प का संयुक्त बयान में शामिल न होना निराशाजनक है. यूक्रेन से क्रीमिया छीनने को लेकर 2014 से रूस को बाहर रखा गया है. इस वजह से जी-8 चार साल से जी-7 बन गया है. एक महीने पहले हुई जी-7 की बैठक में ट्रम्प ने कहा था कि रूस को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले समूह में दोबारा शामिल करना चाहिए. इस पर मर्केल ने कहा था कि पहले रूस से निरस्त्रीकरण, यूक्रेन और सीरिया के मसले पर बात करने की जरूरत है. उसके बाद ही उसे इस समूह में दोबारा शामिल किया जा सकता है.

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