कौन हैं जस्टिस लोया, उलझी है मौत की गुत्थी

 जानें, जस्टिस लोया के बारे में, कैसे हुई थी मौत

सर्वोच्च न्यायालय के जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जजों का आरोप काफी अहम है. राहुल ने कहा कि जस्टिस लोया की मौत की जांच सही तरीके से होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जस्टिस लोया की मृत्यु की जांच वरिष्ठ जजों के द्वारा होना चाहिए. आइए आपको बताते हैं कौन थे जस्टिस लोया और कैसे हुई थी उनकी मौत . 

सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई करने वाले सीबीआई के स्पेशल जज थे बीएच लोया. लोया एक दिसंबर 2014 को नागपुर में अपने कलीग की बेटी की शादी में जा रहे थे, तभी हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई थी. पिछले साल नवंबर में लोया की मृत्यु के हालात पर उनकी बहन ने शक जाहिर किया. इसके तार सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जोड़े गए. इसके बाद यह केस मीडिया की सुर्खियां बना.

CBI के मुताबिक, गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को उस समय अगवा कर लिया था, जब वे हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे. नवंबर 2005 में गांधीनगर के करीब उसकी कथित फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई. यह दावा किया गया कि शेख के पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ संबंध थे.

पुलिस ने दिसंबर 2006 में मुठभेड़ के चश्मदीद गवाह और शेख के साथी तुलसीराम प्रजापति की भी कथित तौर पर गुजरात के बनासकांठा जिले के चपरी गांव में हत्या कर दी. अमित शाह तब गुजरात के गृह राज्यमंत्री थे. उन पर दोनों घटनाओं में शामिल होने का आरोप था.

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले को 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था. 2013 में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रजापति और सोहराबुद्दीन शेख के केस को एक साथ जोड़ दिया. पहले इस केस की सुनवाई जज जेटी उत्पत कर रहे थे, मगर 2014 में अचानक उनका तबादला कर दिया गया था और फिर केस की सुनवाई जज बीएच लोया ने की.

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में भाजपा के प्रेसिडेंट अमित शाह, राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के बिजनेसमैन विमल पाटनी, गुजरात पुलिस के पूर्व चीफ पीसी पांडे, एडीजीपी गीता जौहरी, गुजरात पुलिस के ऑफिसर अभय चूडासम्मा और एनके अमीन को बरी किया जा चुका है. पुलिस अफसरों सहित कुल 23 आरोपी के विरुद्ध अभी भी जांच चल रही है.
 

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