• जानिए सावन के सोमवार की व्रत विधि, महत्व और पुण्य फल

    जानिए सावन के सोमवार की व्रत विधि, महत्व और पुण्य फल

    सावन के सोमवार पर रखे गए व्रतों की महिमा अपरंपार है। जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के निवास पर शरीर त्याग दिया था, उससे पूर्व महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। माता पार्वती ने सावन के महीने में ही निराहार रह कर कठोर तप किया और भगवान शिव को पा लिया। इसलिए यह मास विशेष हो गया और सारा वातावरण शिवमय हो गया। इस अवधि में विवाह योग्य लड़कियां इच्छित वर पाने के लिए सावन के सोमवारों पर व्रत रखती हैं। इसमें भगवान शिव के अलावा शिव परिवार की अर्थात माता पार्वती, कार्तिकेय, नंदी और गणेश जी की भी पूजा की जाती है। सावन के व्रत स्त्री पुरुष दोनों ही रख सकते हैं। सोमवार को उपवास रखना श्रेष्ठ माना गया है परंतु जो नहीं रख सकते वे सूर्यास्त के बाद एक समय भोजन ग्रहण कर सकते हैं। यह भी पढ़ें: जानें भगवान शिव को श्रावण मास क्यों है इतना प्रिय

    व्रत विधि 

  • सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

    सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

    शिवजी को प्रसन्न करने के लिए सावन माह में उनका विशेष पूजन करना चाहिए. इस पूजा-अर्चना के दौरान आपको उनसे मनचाहा वरदान पाने के लिए कुछ खास चीजों को अर्पण करना चाहिए. हम आप को बताते है, किन चीजों के अभिषेक से भगवान शिव सुनेंगे आपकी पुकार. यह भी पढ़ें: जानिए सावन के सोमवार की व्रत विधि, महत्व और पुण्य फल

  • सावन में ऐसे करें शिव की पूजा, तो पूरी होगी हर मुराद

    सावन में ऐसे करें शिव की पूजा, तो पूरी होगी हर मुराद

    श्रावण मास चल रहा है. कहा जाता है कि श्रावण मास भगवान शिव का प्रिय मास है. इसीलिए भक्तगण भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर, भोलेनाथ को खुश करने में लगे हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि शिव को अभिषेक अतिप्रिय है, इसीलिए सभी सनातनधर्मी भगवान श्रीरुद्र को प्रसन्न करने के लिए अनेक प्रकार से अभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहें हैं. यह भी पढ़ें: जानें भगवान शिव को श्रावण मास क्यों है इतना प्रिय

  • जानें भगवान शिव को श्रावण मास क्यों है इतना प्रिय

    जानें भगवान शिव को श्रावण मास क्यों है इतना प्रिय

    श्रावण मास शिव भगवान को बहुत प्रिय है. इस मास में शिव का अभिषेक करने से शिव सभी की मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं. इस मास में शिव का रूद्र नाम भी बहुत प्रचलित है. इसके आलावा शिव जी को पशुपति, भव, शर्व, उग्र, महादेव, और ईशान नाम भी कहा जाता है. यह भी पढ़ें: सावन में ऐसे करें शिव की पूजा, तो पूरी होगी हर मुराद

  • प्रत्येक सोमवार करें भोलेनाथ के इन मंत्रों का जाप और परेशानियों से पायें मुक्ति

    प्रत्येक सोमवार करें भोलेनाथ के इन मंत्रों का जाप और परेशानियों से पायें मुक्ति

    शास्त्रों में भगवान शंकर की आराधना को अति महत्ता दी गई है। भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और इनके पूजन से प्रत्येक प्रकार की मुश्किले दूर होती हैं। भगवान शिव की पूजा और मंत्रों के जाप से शांति की प्राप्ति एवं व्यापार में उन्नति होती है। साथ ही चिंताओ और रोगों से भी छुटकारा मिलता है। परेशानियों से मुक्ति हेतु भोलेनाथ की पूजा और मंत्रों का उच्चारण करें।
     
    * शांति प्राप्ति और तनाव से मुक्ति हेतु प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव के मंदिर या घर के पूजाकक्ष में इस मंत्र का 21 बार जाप करें।

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