•  बंगला विवाद: जो चीजें मेरी थी, मैं ले गया, मैं जीता तो टोटी ढूंढने वालों से चिलम ढूंढवाऊंगा: अखिलेश यादव

    बंगला विवाद: जो चीजें मेरी थी, मैं ले गया, मैं जीता तो टोटी ढूंढने वालों से चिलम ढूंढवाऊंगा: अखिलेश यादव

    त्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सरकारी बंगले खाली कर दिए हैं. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खाली किए बंगले को लेकर राजनीती थमने का नाम नहीं ले रही है. अखिलेश यादव पर बंगले में तोड़फोड़ और क्षतिग्रस्त करने के आरोप लगे. मामले में राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले को गंभीर माना और जांच के लिए कहा है. उधर मामले में बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर सफाई दी, साथ ही योगी सरकार पर बदले की राजनीतिक का आरोप लगाया. यही नहीं अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में सरकारी अधिकारियों की खिंचाई भी की.

  •  महागठबंधन के लिए अखिलेश यादव के त्याग को भाजपा ने कहा- संघर्ष करने की हिम्मत नहीं

    महागठबंधन के लिए अखिलेश यादव के त्याग को भाजपा ने कहा- संघर्ष करने की हिम्मत नहीं

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अखिलेश यादव ने सपा-बसपा गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि 2019 में बीजेपी को हराने के लिए बहुजन समाजवादी पार्टी के साथ हमारा गठबंधन जारी रहेगा. बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए अगर हमें 2-4 सीटों की बलि भी चढ़ानी पड़ी तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे. हमारा उद्देश्य बीजेपी को हराना है और इसके लिए हम कम सीटों पर लड़कर भी बीएसपी से गठबंधन को तैयार हैं. 

  •  बना रहेगा सपा-बसपा का गठबंधन, पीएम मोदी को हराने के लिए सीटें कुर्बान करने लिए तैयार अखिलेश

    बना रहेगा सपा-बसपा का गठबंधन, पीएम मोदी को हराने के लिए सीटें कुर्बान करने लिए तैयार अखिलेश

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अखिलेश यादव ने सपा-बसपा गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि 2019 में बीजेपी को हराने के लिए बहुजन समाजवादी पार्टी के साथ हमारा गठबंधन जारी रहेगा. बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए अगर हमें 2-4 सीटों की बलि भी चढ़ानी पड़ी तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे. हमारा उद्देश्य बीजेपी को हराना है और इसके लिए हम कम सीटों पर लड़कर भी बीएसपी से गठबंधन को तैयार हैं. 

  •  उपचुनाव हार से बीजेपी को सीटों के साथ वोट शेयर का भी नुकसान

    उपचुनाव हार से बीजेपी को सीटों के साथ वोट शेयर का भी नुकसान

    देश की चार लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणामों से बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. यदि इसमें कर्नाटक की आरआर नगर विधानसभा सीट का परिणाम भी जोड़ लें तो स्कोर 3-12 हो जाता है. बीजेपी के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद 27 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए जिनमें से 24 पर बीजेपी सीधे तौर पर लड़ी थी लेकन सिर्फ 5 सीटें ही जीत पाई, बाकी सीटें उसने विपक्ष के हाथों गंवा दी. यदि इन नतीजों का विश्लेषण करें तो बीजेपी जीती हुई सीटें ही नहीं हार रही है, बल्कि उसका वोट प्रतिशत भी घट रहा है.

  •  उपचुनाव: बीजेपी को यूपी, महाराष्ट्र में बड़ा झटका, 10 में से 9 विधानसभा सीटों पर विपक्षी दल जीते

    उपचुनाव: बीजेपी को यूपी, महाराष्ट्र में बड़ा झटका, 10 में से 9 विधानसभा सीटों पर विपक्षी दल जीते

    भारतीय जनता पार्टी को 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणामों में विपक्ष ने करारी शिकस्त दी है. उपचुनाव में विपक्ष बीजेपी पर भारी पड़ा है. बीजेपी गठबंधन को 14 सीटों में से 11 पर करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. बीजेपी ने केवल 1 लोकसभा सीट पर ही जीत हासिल की और 1 जगह उसका समर्थित उम्मीदवार जीता है. बाकी 2 लोकसभा सीटों पर विपक्ष भारी पड़ा है. यह दोनों सीटों ही बीजेपी ने अपने ही राज्य यूपी और महाराष्ट्र में गंवाए हैं. विधानसभा उपचुनाव में भी बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. कुल 10 सीटों में उसे सिर्फ उत्तराखंड में ही एक सीट पर जीत मिली.

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