•  Time Magazine: सेल्सफोर्स के को-फाउंडर मार्क बेनीऑफ ने 19 करोड़ डॉलर में खरीदा

    Time Magazine: सेल्सफोर्स के को-फाउंडर मार्क बेनीऑफ ने 19 करोड़ डॉलर में खरीदा

    अमेरिकी मीडिया कंपनी मेरेडिथ कॉर्प ने प्रसिद्ध 'टाइम' पत्रिका सेल्सफोर्स के सह-संस्थापक मार्क बेनीऑफ और उनकी पत्नी को 19 करोड़ डॉलर (13 अरब रुपए) में बेच दिया है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक यह पत्रिका सेल्सफोर्स के चार सह-संस्थापकों में एक मार्क बेनीऑफ को 19 करोड़ डॉलर में बेची गई है. सेल्सफोर्स ‘क्लाउड कंप्यूटिंग’ की दिग्गज कंपनी है. 'पीपल' और 'बेटर होम्स एंड गार्डन्स' जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करने वाली मेरेडिथ ने ‘टाइम इन्क’ के चार पत्रिकाओं को मार्च में बेचने की पेशकश की थी.

  •  अजित डोभाल ने जम्मू-कश्मीर के अलग संविधान को गलती बताया, कहा- देश की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता

    अजित डोभाल ने जम्मू-कश्मीर के अलग संविधान को गलती बताया, कहा- देश की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता

    भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के लिए एक अलग संविधान होना बड़ी गलती थी. किसी देश की संप्रभुता से कभी समझौता नहीं किया जा सकता. इसे न तो कमजोर किया जा सकता है और न ही गलत तरीके से परिभाषित किया जा सकता है. डोभाल ने यह बात सरदार पटेल पर लिखी गई किताब के विमोचन प्रोग्राम में कही.

  •  टोल पर VIP और जजों को करना पड़ता है इंतजार, अलग से बने लेन: हाईकोर्ट

    टोल पर VIP और जजों को करना पड़ता है इंतजार, अलग से बने लेन: हाईकोर्ट

    मद्रास हाईकोर्ट ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को एक सख्त निर्देश देते हुए कहा, उसे अपने सभी टोल प्लाजा पर वीआईपी और मौजूदा जजों के लिए एक अलग से एक्सक्लूसिव लेन बनानी चाहिए. अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही के लिए तैयार रहना चाहिए. इस मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस हुलुवाडी जी रमेश और जस्टिस एमवी मुरलीधरन की डिवीजन बैंच ने कहा, ये वीआईपी और जजों के लिए बहुत शर्म की बात है कि वह टोल प्लाजा पर वेट करें और अपने आईडेंटिटी कार्ड दिखाएं.

  •  केरल बाढ़: मोदी सरकार ने और सहायता देने किया ऐलान, 700 करोड़ की मदद देने को लेकर यूएई का यू-टर्न

    केरल बाढ़: मोदी सरकार ने और सहायता देने किया ऐलान, 700 करोड़ की मदद देने को लेकर यूएई का यू-टर्न

    केरल में पानी घटने से अब सरकार के सामने लोगों के पुनर्वास और आजीविका की दिक्कत खड़ी हो गई है. वहीं बहुत से लोग और राज्य दक्षिण के इस राज्य की मदद करने के लिए आगे आए हैं. इन सबके बीच यूएई ने केरल की तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हुए उसे 700 करोड़ रुपए की राशि देने की पेशकश की थी. जिसकी वजह से विवाद खड़ा हो गया है. केरल की लेफ्ट सरकार जहां इस सहायता राशि को लेने की इच्छुक है. वहीं केंद्र की भाजपा सरकार इससे मना कर रही है.
    इसी बीच यूएई के राजदूत अहमद अलबाना ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में किसी भी विशिष्ट राशि को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. उन्होंने कहा, बाढ़ और उसके परिणाम के लिए आवश्यक राहत का मूल्यांकन किया जा रहा है. वित्तीय सहायता के रूप में किसी भी विशिष्ट राशि की घोषणा, मुझे नहीं लगता कि अभी तक फाइनल हुई है.

  •  केरल को यूएई ने दिया 700 करोड़ रूपये की मदद का प्रस्ताव

    केरल को यूएई ने दिया 700 करोड़ रूपये की मदद का प्रस्ताव

    केरल में जलस्तर बेशक पहले के मुकाबले में कम हो रहा है लेकिन इस प्राकृतिक आपदा की वजह से राज्य को 21,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है. राज्य में फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है. वहीं बाढ़ की वजह से अब तक 400 लोगों की मृत्यु हो चुकी है. निवासियों को फिर से बसाना सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती है क्योंकि एक लाख इमारतों को नुकसान पहुंचा है. वहीं 10,000 किलोमीटर के हाईवे और रोड के साथ ही हजारों पुल बाढ़ में बह गए हैं. लाखों हेक्टेयर भूमि पर लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं.

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