•  मौत के बाद तस्लीमा नसरीन का शरीर नहीं दफनाया जाएगा

    मौत के बाद तस्लीमा नसरीन का शरीर नहीं दफनाया जाएगा

    अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाली बांग्‍लादेश से निर्वासित मशहूर लेखिका तस्‍लीमा नसरीन एक बार फिर चर्चा में हैं. हालांकि इस दफा वे अपनी टिप्‍पणी के बजाए अपने एक फैसले को लेकर सुर्खियां बटोर रहीं हैं. तस्‍लीमा नसरीन ने मौत के बाद अपने शरीर को दफनाने की बजाय एम्स में रिचर्स के लिए दान देने का फैसला किया है. इसकी जानकारी उन्‍होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है. साथ ही उन्‍होंने ट्वीट में एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ एनॉटमी की डॉनर स्लिप भी साझा की. तस्‍लीमा नसरीन के फैसले पर ट्विटर पर यूजर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

  •  वित्त मंत्री अरुण जेटली का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट, एम्स ने बताया सफल ऑपरेशन

    वित्त मंत्री अरुण जेटली का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट, एम्स ने बताया सफल ऑपरेशन

    वित्त मंत्री अरुण जेटली का एम्स में सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और जेटली की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। किडनी दान करने वाले शख्स की हालत में भी तेजी से सुधार हो रहा है। 

  •  राज कुमार गुप्ता – सजायाफ्ता मुजरिम का तमाशा करना ठीक नहीं

    राज कुमार गुप्ता – सजायाफ्ता मुजरिम का तमाशा करना ठीक नहीं

    रांची से इलाज कराने नयी दिल्ली आए राष्ट्रीय जनता दल के सजायाफ्ता नेता लालू प्रसाद यादव ने खुद को एम्स से रवाना किए जाने पर जिस तरह का बखेड़ा खड़ा किया और उनके समर्थकों ने रेलवे स्टेशन पर जैसा उत्पात मचाया, वह मनमानी के शर्मनाक उदाहरण के सिवाए और कुछ नहीं. लालू यादव जब एक माह पहले रांची से दिल्ली चले थे, तभी ऐसे संकेत मिल गए थे कि उनका मकसद इलाज के बहाने जेल से बाहर रहना और साथ ही दिल्ली में रहकर अपनी राजनीतिक अहमियत को भाव देना अधिक है. क्या इससे बड़ी विडंबना और कोई हो सकती है कि लालू यादव को स्वास्थ्य संबंधी सामान्य समस्याओं के निदान के लिए पहले जेल से बाहर आकर रांची के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में भर्ती होने का अवसर मिला और उसके बाद उपचार के नाम पर दिल्ली के एम्स में? क्या हमारे देश में अन्य सजायाफ्ता कैदियों को भी ऐसी ही सुविधा मिलती है और अगर नहीं तो फिर लालू यादव को क्यों मिलनी चाहिए? क्या लालू यादव महज इसलिए विशेष सुविधाएं पाने के हकदार हो जाते हैं कि वह अतीत में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं और एक राजनीतिक दल को नियंत्रित करते हैं? इससे भी बड़ा सवाल यह है कि जब एम्स के डॉक्टरों ने उन्हें सही सलामत पाया तो क्या उनके बजाय लालू यादव के इस दावे पर विश्वास किया जाए कि उन्हें तथाकथित गंभीर बीमारियों ने बुरी तरह जकड़ रखा है? अगर ऐसा होने लगा तो फिर अस्पताल में इलाज कराने आए किसी कैदी को वहां से हटाना कभी संभव ही नहीं होगा. वह तो लालू यादव की तरह यही कहता रहेगा कि उसे अभी इलाज से संतुष्टि नहीं मिली है. क्या इससे खराब बात और कोई हो सकती है कि खुद को गरीबों का मसीहा बताने वाले लालू यादव इलाज के नाम पर उस एम्स में बने रहना चाहते थे, जिसमें आम लोगों को उपचार कराने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता है?

  •  खुलेंगे 20 नए हॉस्पिटल, किसान होंगे विकसित

    खुलेंगे 20 नए हॉस्पिटल, किसान होंगे विकसित

    आज मोदी गवर्नमेंट ने अपने चार सालों का कार्यकाल पूरा कर लिया है. इस उपलक्ष्य में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में किसानों को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए हैं. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि किसानों की आमदनी को 2022 तक दोगुना करने के लिए कैबिनेट ने कई फैसले किए हैं. कृषि विभाग की जो अलग-अलग योजनाएं चलती थीं, ऐसी 11 योजनाओं को मिलाकर एक नई योजना 'हरित क्रांति कृष्णोत्ति योजना' को लाया जाएगा. हरित क्रांति कृषि उन्नति योजना के लिए 2019-20 तक 33,273 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है.

  •  बीमारियां गिनाते रहे लालू, AIIMS ने फिट बताकर की छुट्टी, आज रांची भेजे जाएंगे

    बीमारियां गिनाते रहे लालू, AIIMS ने फिट बताकर की छुट्टी, आज रांची भेजे जाएंगे

    आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव का बीते एक माह से दिल्ली के ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट में किडनी और दिल से जुड़ी कई बीमारियों का इलाज चल रहा है. लालू चारा घोटाला में दोषी करार दिए जाने के बाद से ही रांची की जेल में बीमार चल रहे थे इसलिए उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर रांची के हॉस्पिटल से दिल्ली के AIIMS रेफर किया गया था. जहां उनका इलाज चल रहा था.

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