•  धनतेरस पर जीनें खरीदारी करने शुभ मुहूर्त, ना खरीदें भूल कर भी ये सामान

    धनतेरस पर जीनें खरीदारी करने शुभ मुहूर्त, ना खरीदें भूल कर भी ये सामान

    धनतेरस के अवसर पर सोने-चांदी के गहने व बर्तन आदि खरीदने की मान्यता है. सोने-चांदी को स्थिर लक्ष्मी कहा गया है. धनतेरस पर शॉपिंग करने का सबसे सटीक समय या मुहूर्त शाम 4 से 7.21 बजे तक है. जबकि शाम 3 बजे से 4.30 के बीच का समय खरीददारी के लिए अशुभ बताया गया है.

  •  जानें धनतेरस पर माँ की पूजा की सही विधी और मुहूर्त

    जानें धनतेरस पर माँ की पूजा की सही विधी और मुहूर्त

    पूरे हिंदुस्तान में धन की देवी माँ लक्ष्मी को माना जाता है। पौराणिक कथाओं और शास्त्रों के अनुसार, माँ लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुईं थीं । उनके साथ ही भगवान धनवन्तरि भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से प्रख्यात है। भगवान धन्वन्तरी जब धरती पर आये थे तब उन्होंने हाथो में अमृत से भरा कलश पकड़ा था। भगवान धन्वन्तरि चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है।

  •  करवाचौथ स्पेशल: पति की उम्र लम्बी करने के लिए थाली में रखें ये चीज़ें

    करवाचौथ स्पेशल: पति की उम्र लम्बी करने के लिए थाली में रखें ये चीज़ें

    करवाचौथ व्रत पर सजी थाली का विशेष महत्व होता है। पूजा के दौरान इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस थाली को 'बाया' भी कहते हैं, जिसमें सिन्दूर, रोली, जल और सूखे मेवे होते हैं। थाली में मिट्टी के दीये, कई तरह की मिठाइयां सजाकर रखी जाती हैं।

  •  आज है शरद पूर्णिमा, चंद्रमा की किरणों से बरसेगा अमृत, खीर खाने से होगा विशेष लाभ

    आज है शरद पूर्णिमा, चंद्रमा की किरणों से बरसेगा अमृत, खीर खाने से होगा विशेष लाभ

    हिंदी पंचाग के अनुसार अश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं. आज शरद पूर्णिमा की रात है. आज की रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है, ऐसी मान्यता है. सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा के अनेक लाभ बताए गए हैं, जैसे इस रात चंद्रमा सोलह कला पूर्ण होता है और आज की रात पृथ्वी के सबसे निकट होता है. आज खुले आसमान में चंद्रमा की किरणें शख्स को निरोगी बना देती हैं.

  •  ...तो इस वजह से पूजा जाता है विजया दशमी पर शमी का पेड़

    ...तो इस वजह से पूजा जाता है विजया दशमी पर शमी का पेड़

    हिंदुस्तानी संस्कृति में प्रत्येक पर्व का अपना एक अलग महत्व है. हर एक पर्व हमें यह मेसेज देता है कि हम जीवन को किस प्रकार समृद्ध बना सकते हैं. विजयादशमी पर रावण दहन के बाद कई प्रांतों में शमी के पत्ते को सोना समझकर देने का प्रचलन है तो कई जगहों पर इसके वृक्ष की पूजा का प्रचलन. आइए जानते हैं क्यों पूजनीय है यह वृक्ष.

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