•  इन स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक, होंगी माँ लक्ष्मी प्रसन्न

    इन स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक, होंगी माँ लक्ष्मी प्रसन्न

    दिवाली पर माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अगर आप उन ज़रूरी स्थानों पर दिये जलाते हैं, तो निश्चित ही माँ लक्ष्मी आपसे खुश होंगी। शास्त्रों में कहा गया है कि, इस रात्रि रात माँ लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं। यही वजह है कि दिवाली पर लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। कहा जाता है कि जब लक्ष्मी रात्रि को घर आएं तो उन्हें इन जगहों पर दीप जरूर मिलने चाहिए। तभी मां लक्ष्मी उस जगह ठहरती हैं। आइए जानें किन जगहों पर दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं:  

  •  दिवाली 2017: ये 5 उपाए बना सकते हैं आपको लखपति

    दिवाली 2017: ये 5 उपाए बना सकते हैं आपको लखपति

    2017 में 17 अक्टूबर को धनतेरस और 19 अक्टूबर को दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन कुबेर देवता का वंदना की जाती है जबकि दीपावली पर धन की देवी लक्ष्मी की पूजा होता है। ज्योतिष के अनुसार अगर धनतेरस और दीपावली के दिन कुछ ख़ास उपाय किए जाएं तो मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति धनवान बन जाता है।

  •  शरद पूर्णिमा पर करें राशिनुसार ये उपाए, होंगी माँ लक्ष्मी प्रसन्न

    शरद पूर्णिमा पर करें राशिनुसार ये उपाए, होंगी माँ लक्ष्मी प्रसन्न

    आश्विन महीने की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। अबकी बार यह पर्व पांच अक्टूबर यानि गुरुवार को है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों में अमृत होता है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात को माता लक्ष्मी पृथ्वी पर घूमने आती हैं और भक्तों की मुरादें पूरी करती हैं। इस दिन राशि अनुसार उपाय करने से किस्मत चमकते देर नहीं लगती। अपनी राशि के अनुरूप करें ये उपाए:

  •   5 अक्टूबर को 16 कलाओं में होगा चाँद, करें इस रात ये उपाय

    5 अक्टूबर को 16 कलाओं में होगा चाँद, करें इस रात ये उपाय

    5 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा की रात में चंद्र अपनी 16 कलाओं के साथ नजर आएगा। शास्त्रों में शरद पूर्णिमा का काफी ज़्यादा महत्व बताया गया है।

  •  शरद पूर्णिमा की रात बनी खीर औषधियुक्त होती है

    शरद पूर्णिमा की रात बनी खीर औषधियुक्त होती है

    माना जाता है कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की चांदनी ख़ास गुणकारी, श्रेष्ठ किरणों वाली और औषधियुक्त होती है। चांदनी रात में 10 से मध्यरात्रि 12 बजे के बीच कम वस्त्रों में घूमने वाले व्यक्ति को ऊर्जा प्राप्त होती है। इस दौरान खीर बनाकर उसे खुले आसमान के नीचे रखने का विधान किया गया है। माना जाता है कि इससे खीर में चंद्रमा का अमृत आ जाता है। यह तो है अध्यात्मिक बात है।

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