• जानें क्या है मोहर्रम, इस दिन क्यों मनाया जाता है 'शोक'

    जानें क्या है मोहर्रम, इस दिन क्यों मनाया जाता है 'शोक'

    12 अक्टूबर, बुधवार के दिन मोहर्रम मनाया जा रहा है. मोहर्रम कोई त्यौहार नहीं है बल्कि मुस्लिमों के शिया समुदाय के लिए यह एक मातम का दिन है. मोहर्रम हिजरी संवत यानि मुस्लिम कैलेंडर का पहला महीना है, इस महीने से इस्लाम का नया साल शुरू होता है. इस माह की 10 तारीख को रोज-ए-आशुरा कहा जाता है, इसी दिन को अंग्रेजी कैलेंडर में मोहर्रम कहा जाता है. शिया मुस्लिम लोग 10 दिन तक इमाम हुसैन की याद में शोक मनाते हैं. चलिए जानते हैं मोहर्रम के दिन मातम क्यों मनाया जाता है.

  • धर्म-प्रसंग: नवरात्र की पहली देवी मां शैलपुत्री की कथा

    धर्म-प्रसंग: नवरात्र की पहली देवी मां शैलपुत्री की कथा

    एक बार प्रजापति दक्ष ने एक बहुत बड़ा यज्ञ किया। इसमें उन्होंने सारे देवताओं को अपना-अपना यज्ञ-भाग प्राप्त करने के लिए निमंत्रित किया, किन्तु शंकरजी को उन्होंने इस यज्ञ में निमंत्रित नहीं किया। सती ने जब सुना कि उनके पिता एक अत्यंत विशाल यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे हैं, तब वहां जाने के लिए उनका मन विकल हो उठा।

  • धर्म-प्रसंग: ये हैं नवदुर्गा से जुड़ी प्रमुख कथाएं

    धर्म-प्रसंग: ये हैं नवदुर्गा से जुड़ी प्रमुख कथाएं

    चैत्र माह में आने वाले मां दुर्गा के नवरात्रे शुरू हो चुके हैं और इसी के साथ मां की भक्ति और शक्ति दोनों का बखान भी होने लगता है. माना जाता है कि नवदुर्गा की पूजा मां के शक्ति स्‍वरूप की को प्रसन्‍न करने के लिए की जाती है. मां की महिमा को कौन नहीं जानता लेकिन उनसे जुड़ी कथाओं के माध्यम से उन्हें जानना और समझना भक्‍तों के लिए थोड़ा आसान हो जाता है.

  • धर्म-प्रसंग : जानिए कौन थी तुलसी, भगवान विष्णु को क्यूं थी इतनी प्रिय

    धर्म-प्रसंग : जानिए कौन थी तुलसी, भगवान विष्णु को क्यूं थी इतनी प्रिय

    तुलसी(पौधा) पूर्व जन्म में एक लड़की थी, जिस का नाम वृंदा था. राक्षस कुल में उनका जन्म हुआ था. बचपन से ही वह भगवान विष्णु की भक्त थी. बड़े ही प्रेम से भगवान विष्णु की सेवा व पूजा किया करती थी. जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया. जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था.
    वृंदा बड़ी ही पतिव्रता स्त्री थी, सदा अपने पति की सेवा किया करती थी.

  • धर्म प्रसंग : क्यूं कहे जाते हैं गणेश जी एक दन्त, क्या हैं इसके पीछे छुपे किस्से-कहानियां

    धर्म प्रसंग : क्यूं कहे जाते हैं गणेश जी एक दन्त, क्या हैं इसके पीछे छुपे किस्से-कहानियां

    गणेशजी को एकदन्त कहते हैं यह बात सभी जानते हैं. लेकिन इसके पीछे क्या कारण है. इस बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होगा. आज लोगों की जानकारी बढ़ाने के लिए हम आपको कुछ छोटी–छोटी कहानियां बताते हैं. भव‌िष्य पुराण की कथा के अनुसार बाल्यवस्था में गणेश जी कुमार कार्त‌िकेय को परेशान कर द‌िया. जिसपर क्रोध‌ित होकर कार्त‌िकय ने गणेश जी का एक दांत तोड़ द‌िया. यह बात भगवान शिव तक पहुंची तो कार्त‌िकेय ने टूटा हुआ दांत गणेश जी को वापस तो कर द‌िया लेक‌िन साथ में एक शाप भी दे द‌िया क‌ि गणेश जी को हमेशा यह टूटा दांत अपने हाथ में रखना होगा. यदि ऐसा नहीं होता है तो गणेश जी भष्म हो जाएंगे. 

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