•  ओड़िसा: इस भक्त ने करवाया भगवान से चमत्कार, अपने आप रुक जाया करती थी यात्रा

    ओड़िसा: इस भक्त ने करवाया भगवान से चमत्कार, अपने आप रुक जाया करती थी यात्रा

    प्रभु जगन्नाथ को भक्तों का भगवान कहा जाता है. जब-जब भक्तों ने भक्ति से पुकारा भगवान उस के साथ खड़े हुए दिखाई दिए. यह माना जाता है जब तक प्रभु जगन्नाथ का डोरी नहीं लगता तब तक प्रभु के दर्शन नहीं हो पाते हैं. कई ऐसी कथाएं है जब प्रभु जगन्नाथ अपने श्रधालुयों के विश्वास पर खरे उतरे हैं. कभी प्रभु अपने श्रधालुयों के लिए साक्षी देने के लिए निकल पड़ते हैं तो कभी दासिया नामक एक दलित के हाथ से नारियल उठा लेते हैं. महाप्रभु जगन्नाथ के समक्ष न कोई जाती होती है न कोई धर्म. जो भी प्रभु जगन्नाथ को भक्ति से पुकारता है भगवान उस की भक्ति पर खरे उतरते हैं.

  •  ईद-उल-अज़हा: बकरीद मना कर ये संदेश देता है इस्लाम

    ईद-उल-अज़हा: बकरीद मना कर ये संदेश देता है इस्लाम

    ईद-उल-ज़ुहा इस साल आगामी दो सितंबर को मनाई जाएगी. ईद-उल-अज़हा को इस्लाम में बहुत ही पवित्र पर्व माना जाता है. इस्लाम में एक वर्ष में दो प्रकार ईद की मनाई जाती है. एक ईद जिसे मीठी ईद कहा जाता है और दूसरी बकरीद. एक ईद सोसाइटी में प्रेम की मिठास घोलने का मेसेज देती है. तो वहीं दूसरी ईद अपने कामों के लिए जागरूक रहने का पाठ पढ़ाती है. ईद-उल-ज़ुहा या बकरीद का दिन फर्ज़-ए-कुर्बान का दिन होता हैं. बकरीद पर सक्षम मुसलमान अल्लाह की राह में बकरे या किसी अन्य पशुओं की कुर्बानी देते हैं.

  • सावधान! किताब पर सिर रखकर सोने से हो सकता है करियर को नुकसान

    सावधान! किताब पर सिर रखकर सोने से हो सकता है करियर को नुकसान

    किताबों पर सिर रखकर सोना अशुभ होता है. अक्सर हम रात में पढ़ते-पढ़ते सो जाते है और सुबह देखते है कि किताब या तो हमारे सिर के नीचे दबी रहती है या फिर इधर-उधर पड़ी रहती है. किताब पढ़ने की आदत जरूर सही है, लेकिन उसके उपर सोना बिल्कुल गलत. वास्तु के अनुसार इसका बुरा प्रभाव आपके धन को पहुंचता ही है, बल्कि आपकी सेहत पर भी असर पड़ता है.

  • इस पौराणिक कथा के मुताबिक इसलिए मनाई जाती है ‘होली’

    इस पौराणिक कथा के मुताबिक इसलिए मनाई जाती है ‘होली’

    होली का त्यौहार हर साल आता है. रंगों के इस त्यौहार में सब अपने दुखों को भुलाकर खुशिया मनाते हैं. रंगो और खुशियों का त्यौहार होली हर साल बसंत ऋतु के मौसम में फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. यह भारत के मुख्य त्यौहारों में से एक है और ये तीन दिनों तक चलता है.
    पहले दिन रात में होलिका दहन होता है. अगले दिन होली खेली जाती है और तीसरे दिन भाई-दूज के साथ ये त्यौहार खत्म हो जाता है. इस साल 13 मार्च को होली मनाई जाएगी.

  • धर्म-प्रसंग : होली के पर्व का महत्व और पौराणिक कथा

    धर्म-प्रसंग : होली के पर्व का महत्व और पौराणिक कथा

    प्राचीन कथा : होली की पूर्व संध्या में होलिका दहन किया जाता है। इसके पीछे एक प्राचीन कथा है कि दीति का पुत्र हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु से घोर शत्रुता रखता था। इसने अपनी शक्ति के घमंड में आकर स्वयं को ईश्वर कहना शुरू कर दिया और घोषणा कर दी कि राज्य में केवल उसी की पूजा की जाएगी। उसने अपने राज्य में यज्ञ और आहुति बंद करवा दी और भगवान के भक्तों को सताना शुरू कर दिया।

Page 1 of 2