•  यहाँ जानिये रावण के रहस्य और उसके जन्म की पूरी कथा

    यहाँ जानिये रावण के रहस्य और उसके जन्म की पूरी कथा

    वैसे तो लोग लंकापति रावण को अनीति, अनाचार, दंभ, काम, क्रोध, लोभ, अधर्म और बुराई का प्रतीक मानते हैं और उससे घृणा करते हैं। लेकिन सबसे जरूरी बात यहां यह है कि दशानन रावण में कितना ही राक्षसत्व क्यों न हो उसके गुणों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

  •  ओड़िसा: इस भक्त ने करवाया भगवान से चमत्कार, अपने आप रुक जाया करती थी यात्रा

    ओड़िसा: इस भक्त ने करवाया भगवान से चमत्कार, अपने आप रुक जाया करती थी यात्रा

    प्रभु जगन्नाथ को भक्तों का परमेश्वर कहा जाता है. जब-जब भक्तों ने श्रद्धा से पुकारा भगवान उस के समक्ष खड़े हुए नजर आए. यह कहा जाता है जब तक प्रभु जगन्नाथ का डोरी नहीं लगता तब तक प्रभु के दर्शन नहीं हो पाते हैं. कई ऐसी कथाएं है जब प्रभु जगन्नाथ अपने श्रधालुयों के उम्मीद पर खरे उतरे हैं. कभी प्रभु अपने श्रधालुयों के लिए साक्षी देने के लिए निकल पड़ते हैं तो कभी दासिया नामक एक दलित के हाथ से नारियल उठा लेते हैं. महाप्रभु जगन्नाथ के सामने न कोई जाती होती है न कोई धर्म. जो भी भगवान जगन्नाथ को पूरी श्रद्धा से पुकारता है भगवान उस की भक्ति पर खरे उतरते हैं.

  •  ईद-उल-अज़हा: बकरीद मना कर ये संदेश देता है इस्लाम

    ईद-उल-अज़हा: बकरीद मना कर ये संदेश देता है इस्लाम

    ईद-उल-अज़हा इस वर्ष आगामी दो सितंबर को मनाई जाएगी. बकरीद को इस्लाम में बहुत ही पाक त्योहार माना जाता है. इस्लाम में एक साल में दो प्रकार ईद की मनाई जाती है. एक ईद जिसे मीठी ईद कहा जाता है और दूसरी बकरीद. एक ईद सोसाइटी में प्यार की मिठास घोलने का मेसेज देती है. तो वहीं दूसरी ईद अपने कामों के लिए जागरूक रहने का सबक सिखाती है. ईद-उल-ज़ुहा या बकरीद का दिन फर्ज़-ए-कुर्बान का दिन होता हैं. बकरीद पर सक्षम मुसलमान अल्लाह की राह में बकरे या किसी अन्य पशुओं की कुर्बानी देते हैं.

  • सावधान! किताब पर सिर रखकर सोने से हो सकता है करियर को नुकसान

    सावधान! किताब पर सिर रखकर सोने से हो सकता है करियर को नुकसान

    किताबों पर सिर रखकर सोना अशुभ होता है. अक्सर हम रात में पढ़ते-पढ़ते सो जाते है और सुबह देखते है कि किताब या तो हमारे सिर के नीचे दबी रहती है या फिर इधर-उधर पड़ी रहती है. किताब पढ़ने की आदत जरूर सही है, लेकिन उसके उपर सोना बिल्कुल गलत. वास्तु के अनुसार इसका बुरा प्रभाव आपके धन को पहुंचता ही है, बल्कि आपकी सेहत पर भी असर पड़ता है.

  • इस पौराणिक कथा के मुताबिक इसलिए मनाई जाती है ‘होली’

    इस पौराणिक कथा के मुताबिक इसलिए मनाई जाती है ‘होली’

    होली का त्यौहार हर साल आता है. रंगों के इस त्यौहार में सब अपने दुखों को भुलाकर खुशिया मनाते हैं. रंगो और खुशियों का त्यौहार होली हर साल बसंत ऋतु के मौसम में फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. यह भारत के मुख्य त्यौहारों में से एक है और ये तीन दिनों तक चलता है.
    पहले दिन रात में होलिका दहन होता है. अगले दिन होली खेली जाती है और तीसरे दिन भाई-दूज के साथ ये त्यौहार खत्म हो जाता है. इस साल 13 मार्च को होली मनाई जाएगी.

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