• नवरात्र में अर्पण करें नौ देव‌ियों को ये 9 तरह प्रसाद, ज‌िनसे होती है मनोकामना पूरी

    नवरात्र में अर्पण करें नौ देव‌ियों को ये 9 तरह प्रसाद, ज‌िनसे होती है मनोकामना पूरी

    जैसे देवी का स्वरूप अलग अलग है और उनकी मह‌िमा अलग है उसी प्रकार उनकी पसंद भी अलग अलग है। इसल‌िए हर द‌ेवी को एक ही तरह का प्रसाद चढ़ाने की बजाय उनके ल‌िए शास्‍त्रों में बताए गए खास प्रसाद का भोग लगाना चाह‌िए। इससे देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती है।

  • कल से शुरू हो रहे हैं माँ की पवन नवरात्रि, आज ही कर लें माँ के स्वागत की तैयारियां

    कल से शुरू हो रहे हैं माँ की पवन नवरात्रि, आज ही कर लें माँ के स्वागत की तैयारियां

    शक्ति की उपासना का सबसे बड़ा पर्व है नवरात्रि। नवरात्रि के नौ दिन मां भगवती के नौ रुपों का आशीर्वाद पाने का मौका हैं। इन नौ दिन विधि-विधान से मां भगवती की अराधना करने से मां अपने भक्तों की मनचाही मुराद पूरी करती हैं।शारदीय नवरात्र का शुभारंभ एक अक्तूबर से है। इस बार दस दिन के नवरात्रि का विशेष संयोग सभी के लिए शुभ फल देने वाला है। अमावस्या की शाम को नवरात्रि के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। जानिए नवरात्रि में किस विधि से मां भगवती की उपासना करनी चाहिए:

  • 18 साल बाद आया है नवरात्रि का ऐसा महासंयोग, 10 दिन के होंगे नवरात्र

    18 साल बाद आया है नवरात्रि का ऐसा महासंयोग, 10 दिन के होंगे नवरात्र

    मां दुर्गा की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र 01 अक्टूबर से प्रारम्भ हो रहे हैं. इस बार प्रतिपदा तिथि दो दिन होने के कारण नवरात्र नौ दिन की बजाय 10 दिन होंगे.

  • घोड़े पर सवार होकर ‘माँ’ करेंगी भक्तों का कल्याण, जानिए शारदीय नवरात्रों की महिमा

    घोड़े पर सवार होकर ‘माँ’ करेंगी भक्तों का कल्याण, जानिए शारदीय नवरात्रों की महिमा

    शारदीय नवरात्र का ज्योत‌िषशास्‍त्र में बड़ा महत्व है क्योंक‌ि इससेमाता के आगमन और प्रस्‍थान से आने वाले द‌िनों में होने वाली घटनाओं का अंदाजा लगाया जाता है. इस बार नवरात्र का आरंभ यानी आश्व‌िन शुक्ल प्रत‌िपदा त‌िथ‌ि शन‌िवार के द‌िन है. इसी द‌िन कलश बैठाकर माता की पूजा का संकल्प ल‌िया जाएगा. ज्‍योत‌िषशास्‍त्र के अनुसार शन‌िवार के द‌िन नवरात्र का आरंभ यह दर्शा रहा है क‌ि माता घोड़ पर सवार होकर अपने भक्तों के घर आएंगी. 

  • कल है विश्वकर्मा दिवस, शुभ मुहूर्त में ही करें वाहन-पूजा

    कल है विश्वकर्मा दिवस, शुभ मुहूर्त में ही करें वाहन-पूजा

    हमारा काम हमारी मशीनों पर निर्भर करता है. इस तरह से देखा जाए तो मशीने हमारी भगवान हुई. भगवान की पूजा-प्रार्थना करने से मन में शांति मिलती है और सबसे बड़ी बात व्यापर में वृद्धि होती है. मशीनों और उद्योगों के लिए ही है विश्वकर्मा दिवस. इस बार विश्वकर्मा पूजा विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर को मनाई जाएगी. पूजा का शुभ मुहूर्त शनिवार की सुबह 6.48 बजे से लेकर शाम 4.06 बजे तक है. भगवान सूर्य जब कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, उसी समय भगवान विश्वकर्मा की पूजा होती है. पूजा के समय लाल, पीला, गुलाबी वस्त्र करें धारण. काले, उजले, और नीले रंग से परहेज रखें. आपको बता दें, विश्वकर्मा पूजा टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और आदित्यपुर औद्योगिक इलाकों में काफी भव्य तरीके से मनाई जाती है. आदित्यपुर में 500 से भी अधिक छोटे-बड़े कल कारखाने हैं. रेलवे में भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम से होती है.

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