•  छठ महापर्व: पढ़िये विस्तार से इस खबर को, चार दिनों तक चलता है ये पर्व

    छठ महापर्व: पढ़िये विस्तार से इस खबर को, चार दिनों तक चलता है ये पर्व

    मंगलवार यानि आज से आरंभ हो चुका है छठ पर्व. पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत, बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में इसे बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है. इस पर्व में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है. कहा जाता है यह व्रत बेहद कठिन होता है. इसमें स्त्रियां 36 घंटे तक बिना पानी के रहती हैं. चार दिनों तक चलने वाला ये त्यौहार हिंदू पंचांग के मुताबिक, कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होता है और सप्तमी तक चलता है. प्रथम दिन नहाय खाय से शुरू होकर चौथे दिन ऊषा अर्घ्य के साथ इस व्रत की समाप्ति होती है. जानते हैं हर दिन का क्या है खास महत्व:

  •  क्यों मनाई जाती है दिवाली, जानिए कुछ पौराणिक रोचक कथाएं

    क्यों मनाई जाती है दिवाली, जानिए कुछ पौराणिक रोचक कथाएं

    दीपावली प्रत्येक साल कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है. इस बार यह 19 अक्टूबर को पूरे हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. यह त्यौहार पांच दिनों (धनतेरस, नरक चतुदर्शी, अमावश्या, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा, भाई दूज) का होता है, इसलिए यह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज पर खत्म होता है. आइए जानते हैं कि इस बड़े पर्व दीपावली महत्व क्या है और क्या है इसके पीछे की कहानी? हम आपको बताने जा रहे हैं दिवाली के बारे में प्रचलित कुछ रोचक बातें.

  • ...इन वजहों से मनाया जाता है दीपावली का त्यौहार

    ...इन वजहों से मनाया जाता है दीपावली का त्यौहार

    हम दीवाली क्‍यों मनाते हैं? आखिर इसके पीछे क्‍या कारण है। कुछ लोगों का कहना है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा राम लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। उनके अयोध्‍या आने की खुशी में दीपावली का त्‍योहार मनाया जाता है।

  •  ये है धनतेरस पर पूजा करने का शुभ मुहूर्त

    ये है धनतेरस पर पूजा करने का शुभ मुहूर्त

    दीवाली से पहले धनरेसर के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है. इस बार धनतेरस का त्योहार 17 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जा रहा है. वहीं, आपको इस बार शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए सिर्फ 48 मिनट का समय मिलेगा. ऐसे में आप अपनी राशि के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं.

  • धनतेरस के दिन ऐसे करें माँ लक्ष्मी को प्रसन्न, जाने शुभ मुहूर्त

    धनतेरस के दिन ऐसे करें माँ लक्ष्मी को प्रसन्न, जाने शुभ मुहूर्त

    पूरे भारत में धन की देवी माँ लक्ष्मी को माना जाता है। पौराणिक कथाओं और शास्त्रों के अनुसार माँ लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। उनके साथ  ही भगवान धनवन्तरि भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। भगवान धन्वन्तरी जब धरती पर आये थे तब उन्होंने हाथो में अमृत से भरा कलश पकड़ा था। भगवान धन्वन्तरि चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। यह भी पढ़ें: धनतेरस क्यों मनाते हैं, पढ़ें पवित्र और पौराणिक कथा

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