पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा, 17 पैसे और 13 पैसे की बढ़ोतरी

 1 महीने बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर हुई बढ़ोत्तरी, जानिए कितने बढ़े दाम

देश में तेल कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाए हैं. लगातार दूसरे दिन तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं. गुरुवार को सुबह 6 बजे से पेट्रोल और डीजल के दाम में 14-15 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसी के साथ दिल्ली में पेट्रोल का दाम 75.71 रुपये प्रति लीटर हो गया है और मुंबई में 83.24 रुपये, कोलकाता में 78.53 रुपये और चेन्नई में 78.72 रुपये प्रति लीटर है.

इसी प्रकार डीजल के दाम भी 16-18 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं. दिल्ली में डीजल का दाम 67.66 रुपये प्रति लीटर हो गया है. मुंबई में 1.79, कोलकाता में 1.79 और चेन्नई में डीजल के दाम 70.05 रुपये प्रति लीटर गए है. 

गुरुवार को, पेट्रोल के दाम 36 दिन बाद बढ़ाए गए. यह दाम 16-17 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ाए थे. साथ ही डीजल के दाम 10-12 प्रति लीटर बढ़ाए गए. आपको बता दें कि इससे पहले 36 दिनों तक तेल के दाम नहीं बढ़े थे और लगातार कम किए गए थे. इस दौरान पेट्रोल के दाम 2.88 रुपये प्रति लीटर कम हुए थे. और डीजल के दाम 1.93 रुपये प्रति लीटर कम हुए थे. आखिरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम 26 जून को कम किए गए थे. इस समय पेट्रोल के दाम 14-18 पैसे प्रति लीटर कम किए गए थे जबकि डीजल के दाम 10-12 पैसे प्रति लीटर कम किए गए थे.

आपको बता दें कि गुरवार को एक महीने से कुछ ज्यादा समय बीतने के बाद एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे. करीब 36 दिन के अंतराल के बाद एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए. इससे पहले इस अंतराल में करीब 22 बार पेट्रोल और 18 बार डीजल के दाम तेल कंपनियों ने कम किए थे. 

गुरुवार को की गई बढ़ोतरी में पेट्रोल के दाम 16-17 पैसे प्रति लीटर मेट्रो शहरों में बढ़ाए गए. वहीं डीजल के दाम में 10-12 पैसे प्रति लीटर के बढ़ोतरी की गई. इस बदलाव के बाद दिल्ली में पेट्रोल के दाम 75.71 रुपये प्रति लीटर हो गए है जबकि  मुंबई में दाम 83.10 रुपये प्रति लीटर हो गया. कोलकाता 78.39 और चेन्नई में पेट्रोल के दाम 78.57 रुपये प्रति लीटर हो गए है. 

आपको बता दें कि तेल कंपनियां जब भी तेल के दाम परिवर्तित करते हैं, वो दाम सुबह 6 बजे से लागू हो जाता है. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 11.77 रुपये और डीजल पर 13.47 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी 9 बार में बढ़ाई थी. यह काम नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2016 के बीच किया गया. सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दाम की वजह से यह कदम उठाया था.

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाने से ट्रेडर्स को मार्केट में ऑयल सप्लाई में कमी आने का अंदेशा है. यही वजह है कि क्रूड की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. फिलहाल ब्रेंट क्रूड 77.69 डॉलर प्रति बैरल पर है. हालांकि, ओपेक देशों ने हाल ही में रोजाना 10 लाख बैरल ज्यादा तेल सप्लाई का ऐलान किया है, लेकिन इतने से तेल की मांग पूरी नहीं हो पाएगी. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में बढ़ोतरी हो रही है.

loading...