Movie Review: रेड

 Movie Review: रेड

प्रोड्यूसर: अभिषेक पाठक, भूषण कुमार, किशन कुमार
डायरेक्टर: राजकुमार गुप्ता
स्टार कास्ट: अजय देवगन, इलियाना डीक्रूज, सौरभ शुक्ला, सानंद वर्मा
म्यूजिक डायरेक्टर: अमित त्रिवेदी, तनिष्क बागची
रेटिंग ***1/2

अजय देवगन, इलियाना डिक्रूज और सौरभ शुक्ला जैसे सितारों से सजी फिल्म ‘रेड’ एक इनकम टैक्स ऑफिसर की कहानी है जिसका ईमानदारी की सजा के तौर पर 49 बार तबादला हो चुका है। लेकिन फिर कुछ कर गुजरने का जज्बा अभी तक कायम है। जैसा कि फिल्म की टैग लाइन भी है। हीरो हमेशा यूनिफार्म में नहीं आते। इस फिल्म का हीरो भी लड़ाई-झगड़े से नहीं बल्कि अपने उसूलों, देशभक्ति, और लगन से काले धन के खिलाफ जंग लड़ता ही नहीं बल्कि उसे जीतता भी है। डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता की फिल्म 'रेड' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो ये फिल्म 80 के दशक में यूपी में घटी एक सच्ची घटना पर आधारित है।

कहानी: फिल्म 'रेड' 1981 में लखनऊ में हुई एक हाई प्रोफाइल छापे की सच्ची घटना पर आधारित हैष फिल्म में दिखाया एक निडर आयकर अधिकारी अमय पटनायक (अजय देवगन) सांसद रामेश्वर सिंह उर्फ राजाजी सिंह (सौरभ शुक्ला) के यहां अपनी पूरी टीम के साथ छापा मारता है। राजाजी के यहां 420 करोड़ रुपए का कालाधन छुपा है। राजाजी बचने के लिए अपना पूरा जोर लगाते हैं। वो अमय को डराते-धमकाते भी है लेकिन वो पीछे नहीं हटता है। अजय की वाइफ नीता (इलियाना डीक्रूज) पर भी हमला करवाया जाता है। बावजूद इसके नीता अपने पति को पूरा सपॉर्ट करती हैं। अमय के लिए एक सासंद के घर रेड डालना कितना चुनौतिपूर्ण होता है, रेड डालते समय उन्हें किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वो इस काम में सफल होते है या नहीं, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

फिल्म का म्यूजिक: फिल्म में अमित त्रिवेदी और तनिष्क बागची का म्यूजिक अच्छा है। रिलीज से पहले ही इसके गाने 'सानू एक पल चैन न आवे...', 'नित खैर मांगा...' अच्छे बन पड़े हैं। हालांकि, यूपी बैकग्राउंड पर फिल्म में पंजाबी स्टाइल के सॉग्स फिट नहीं बैठे।

अभिनय: अगर फिल्म में एक्टिंग की बात करें तो, अजय देवगन ने अपने किरदार के साथ इंसाफ किया है। वहीं, सासंद के किरदार में सौरभ शुक्ला ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म में रितेश शाह द्वारा लिखे गए डायलॉग्स बेहतरीन हैं। अजय और सौरभ के बीच डायलॉग डिलिवरी भी शानदार है। जब अजय, सौरभ के यहां रेड मारने जाते हैं तो सौरभ कहते हैं, 'इस घर में कई सरकारी अफसर मच्छर मारने नहीं आ सकता.. तुम रेड मारने आए हो, खाली हाथ जाओगे'। इस पर अजय का जवाब होता है, 'मैं बस ससुराल से शादी वाले दिन खाली हाथ लौटा हूं, वरना जिसके घर सुबह सुबह पहुंचा हूं कुछ लेकर ही आया हूं'। इलियाना अपने रोल में ठीक लगी है।

निर्देशन: फिल्म का डायरेक्शन ठीक है। डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता फिल्म के कुछ सीन्स को ओर बेहतर बना सकते थे। वहीं, अजय-इलियाना के रोमांस सीन्स फिल्म की कहानी में फिट नहीं बैठते हैं। इन सीन्स को कम किया जा सकता था। रोमांस के सीन्स फिल्म की फ्लो को रोकते हैं।

आप अजय देवगन के फैन है और दोबारा उनकी दमदार एक्टिंग देखना चाहते हैं साथ ही आपको क्राइम थ्रिलर मूवी देखना पसंद है तो फिल्म जरूर देखने जाए।

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