बीजेपी से राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में JDU ने मांगी सीटें, पार्टी ने तैयार किया यह प्लान

नीतीश कुमार की जेडीयू ने अब BJP से इन 4 राज्यों में मांगी सीटें, पार्टी ने तैयार किया ये प्लान

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के सीएम नीतीश कुमार की मुलाकात से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस साल होने जा रहे चार राज्यों के विधानसभा चुनाव लड़ने का निर्णय किया है. इसमें बीजेपी शासित राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल है. हालांकि इन राज्यों में जेडीयू की उपस्थिति न के बराबर है फिर भी बीजेपी के लिए यह मुश्किल बढ़ा सकता है. जेडीयू का कहना है कि इन राज्यों में भी हमें चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी को सीट देनी चाहिए. यह नीतीश कुमार के बिहार प्लस को साकार करने में मदद करेगा. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी चौथी बार सत्ता में आने का सपना देख रही है.

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले नीतीश का यह कदम बिहार में लोकसभा सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर बीजेपी पर दबाव बनाने के रूप में भी देखा जा रहा है. जेडीयू के नेता केसी त्यागी का कहना है कि सोशलिस्ट नेता राम मनोहर लोहिया की इन राज्यों में अच्छी पकड़ थी. मुलायम सिंह यादव और लालू यादव के सोशलिस्ट एजेंडे से अलग होने के बाद पार्टी मिजोरम और बीजेपी शासित अन्य तीन राज्यों में अपने जड़ों की ओर लौटना चाहती है.

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से बिहार में एनडीए के सहयोगी दलों में सीटें के बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है. 12 जुलाई को बिहार दौरे पर अमित शाह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही बिहार में एनडीए के अन्य सहयोगियों से बातचीत करेंगे. माना जा रहा है यह मुलाकात विपक्ष को यह संदेश देने की कोशिश भी है कि बिहार एनडीए में सबकुछ ठीक है.

2019 लोकसभा चुनाव में जेडीयू ने प्रदेश की 40 लोकसभा सीटों में से 25 पर दावा ठोका है. जेडीयू ने यह भी कहा है कि बिहार में एनडीए के नेता नीतीश कुमार ही होंगे और उनकी अगुवाई में चुनाव लड़ा जाए. जेडीयू के इस दावे पर बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं और अभी तक इस पर कोई भी सहमति बन नहीं पाई है. बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने कहा था कि बीजेपी पिछले लोकसभा चुनाव में जीती सभी 22 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी के नेताओं के इस बयान के बाद बयानबाजी और तेज हो गई.

दूसरी ओर बिहार में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करने के साथ ही महागठबंधन में उनकी वापसी का समर्थन किया है. कांग्रेस के कुछ विधायकों ने सहयोगी दल राजद के उस कथन कि नीतीश की वापसी नहीं हो सकती, से इतर महागठबंधन में उनकी वापसी का समर्थन किया. कांग्रेस की राज्य इकाई ने अपने विधायकों की उक्त राय को उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए खारिज कर दिया और उन्हें ऐसे मुद्दों पर अनावश्यक बयान देने से बचने को कहा क्योंकि ऐसे में केवल कांग्रेस हाई कमान ही कोई निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं.

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