कैराना से RLD की जीत में जयंत का जलवा, जाट-मुस्लिम गठजोड़ करने में कामयाब

 यूपी उपचुनाव: कैराना की जीत से चमकी RLD, BJP तीसरा उपचुनाव हारी

कैराना लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकदल की प्रत्याशी तबस्सुरम हसन ने सीधे मुकाबले में बीजेपी की प्रत्या शी मृगांका सिंह को करारी हार दी है. इस चुनाव रिजल्ट से जहां हर तरफ बीजेपी बनाम विपक्षी एकता की बात हो रही है, लेकिन इसका एक मुद्दा यह भी है इस उपचुनाव के जरिए राष्ट्रीय लोकदल को संजीवनी मिली है. इतना ही नहीं, इस उपचुनाव के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और चौधरी अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी की रिलांचिग हुई है. 

हाल के कुछ वर्षों में कई राजनेताओं ने अपनी पार्टी की बागडोर बेटों के हाथ में सौंप दी है. बिहार में लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी यादव को और रामविलास पासवान ने चिराग पासवान को उत्तराधिकारी बना दिया है. वहीं उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव ने बेटे अखिलेश यादव के हाथों में पार्टी की बागडोर सौंप दी है.

कैराना लोकसभा उपचुनाव राष्ट्रीय लोकदल के लिए वजूद की लड़ाई का सरीखा रहा. बता दें कि कुछ साल पहले तक पश्चिमी यूपी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे अजित सिंह के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकदल का गढ़ हुआ करती थी. इस इलाके के जाट और मुस्लिम वोटों को एकत्रित करके अजित सिंह ने कई बार सत्ता का स्वाद चखा है लेकिन पिछले काफी समय से यह गठजोड़ संभव नहीं हो पा रहा था. लेकिन इस चुनाव में मिली जीत से पार्टी को संजीवनी मिल गई है.

राष्ट्रीय लोकदल के पास अब एक सांसद है. ऐसे में वे 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने कह पाएंगे कि अभी RLD से लोगों का भरोसा टूटा नहीं है. जयंत खुद जवान हैं, ऐसे में वे अपने हम उम्र अखिलेश यादव और राहुल गांधी के साथ मिलकर चुनावी रणनीति बना पाएंगे.

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