सुप्रीम कोर्ट में जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होंगी इंदु मल्होत्रा

इंदु मल्होत्रा होंगी पहली महिला जो वकील से सीधे बनेंगी सुप्रीम कोर्ट की जज

सर्वोच्च न्यायालय कोलेजियम की सिफारिश मानते हुए सेंट्रल गवर्नमेंट ने वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा को जज बनाने को अपनी मंजूरी दे दी है. इंदु सर्वोच्च न्यायालय में वकील से सीधे जज बनने वाली पहली महिला होंगी जबकि सर्वोच्च न्यायालय में जस्टिस आर बानुमति के बाद इंदु दूसरी महिला जज होंगी. इंदु मल्होत्रा को 2007 में वरिष्ठ वकील का दर्जा दिया गया था. वे सर्वोच्च न्यायालय में अभी तक नियुक्त हुईं सातवीं महिला जज होंगी. सूत्रों के अनुसार कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को इंदु को नियुक्त किए जाने के सरकार के फैसले के बारे में पत्र लिखेंगे.

कॉलेजियम ने तीन माह पहले उत्तराखंड उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा की सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर नियुक्ति का सुझाव दिया था. हालांकि जस्टिस जोसेफ की फाइल अब भी लॉ मिनिस्ट्री के पास है. सरकार को लगता है कि न्यायमूर्ति जोसेफ के नाम की सिफारिश कर कालेजियम ने वरिष्ठता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का सम्मान नहीं किया है. वह उच्च न्यायालय के 669 न्यायाधीशों की वरिष्ठता सूची में 42वें स्थान पर हैं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में शुरुआत के 39 वर्षों में कोई महिला जज नहीं रही. 1989 में फातिमा बीबी को सर्वोच्च न्यायालय का जज बनाया गया. इसके बाद जस्टिस सुजाता मनोहर, जस्टिस रुमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा और जस्टिस रंजना देसाई को सर्वोच्च न्यायालय में जज नियुक्त किया गया. इंदु मल्होत्रा आजादी के बाद से अभी तक सर्वोच्च न्यायालय की जज बनने वाली सातवीं महिला होंगी. फिलहाल जस्टिस जी रोहिणी और आर बानुमति सुप्रीम कोर्ट में महिला जज हैं.

मल्होत्रा वकीलों के फैमिली से आती हैं. उनके पिता ओपी मल्होत्रा वरिष्ठ वकील थे और उनके बड़े भाई और बहन भी वकील हैं. मल्होत्रा ने राजनीतिक विज्ञान में पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई की है और इससे पहले उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की थी. उसके बाद उन्होंने 1983 में करियर की शुरुआत की थी. वो कई अहम निर्णयों में जजों की पीठ में रही हैं.
 

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