अगले महीने तक 90 रुपए होगा पेट्रोल का दाम

 90 रुपए को छू सकता है पेट्रोल का दाम, ये है मुख्य कारण

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य ईंधन कमोडिटी की कीमतें और बढ़ने वाली हैं. विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले की कीमत इस वर्ष बीस प्रतिशत तक बढ़ सकती है. इस बढ़ोतरी का भारत पर निगेटिव असर पड़ सकता है. भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से आयात पर निर्भर है. यदि कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर हो सकता है वहीं डीजल की कीमत भी बढ़ेगी.

विश्व बैंक ने बुधवार को अप्रैल कमोडिटी बाजार परिदृश्य जारी किया. ईंधन की कीमतों में वृद्धि का उसका ताजा अनुमान अक्तूबर में जारी पिछले अनुमानों से सोलह प्रतिशत ऊंचा है. बैंक ने कहा कि उपभोक्ताओं की मजबूत मांग और तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन में कटौती से 2018 में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 65 डॉलर प्रति रहने का अनुमान है, जो कि 2017 के 53 डॉलर प्रति बैरल से अधिक है. धातु की कीमतें इस वर्ष 9 फीसदी ज्यादा रहने की उम्मीद जताई गई है.

वहीं, विश्वबैंक के कार्यवाहक मुख्य अर्थशास्त्री एस देवराजन ने कहा कि वैश्विक वृद्धि और मांग में तेजी अधिकांश वस्तुओं की कीमतें बढ़ने और उससे पहले के पूर्वानुमान के पीछे का महत्वपूर्ण कारक है. विश्वबैंक ने कच्चे तेल की कीमतें 2019 में औसतन 65 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया है.

बता दें कि केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क लगाती है जबकि डीजल पर वह 15.33 रुपये लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है. राज्यों में वैट की दर अलग अलग है. दिल्ली में पेट्रोल पर 15.84 रुपये प्रति लीटर वैट वसूला जाता है जबकि डीजल पर 9.68 रुपये प्रति लीटर वैट लगता है.
 

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