पाकिस्तान की ख़ास सुरक्षा के बीच मौजूद है दाऊद : फारुख टकला

 पाकिस्तान की ख़ास सुरक्षा के बीच मौजूद है दाऊद, पकड़ना बेहद मुश्किल : फारुख टकला का बयान

CBI की गिरफ्त में दाऊद के करीबी फ़ारूक टकला ने दाऊद के बारे में अब तक का सबसे सनसनीखेज़ खुलासा किया है. फ़ारूक ने एजेंसियों को बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स के जवान दाऊद, उसके कराची क्लिफ्टन के बंगले और उसके परिवार के मेंबर्स की सुरक्षा करते हैं.

सूत्रों के अनुसार, ख़ुफ़िया एजेंसियों को पता चला है कि किसी भी बड़े इंटरनेशनल नेता के पाक दौरे और भारत सरकार से बढ़ते दबाव के वक्त दाऊद को कुछ वक्त के लिए कराची से कुछ ही दूरी पर ‘अंडा ग्रुप ऑफ़ आईलैंड्स’ पर बने एक सेफ हाउस में शिफ्ट कर दिया जाता है.

ये सेफ हाउस ‘बड़ा अंडा’ टापू के आसपास बताया गया है. इस सेफ हाउस में अकेले दाऊद और उसकी बीवी महजबीन के अतिरिक्त और किसी को इज़ाज़त नहीं. पाकिस्तानी अधिकारी एक ख़ास फ्रीक्वेंसी पर सेटेलाइट फ़ोन के ज़रिए सीधे दाऊद से संपर्क में रहते हैं. पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की एक टीम इस सेफ हाउस की सिक्यूरिटी में तैनात रहती है और इस दौरान पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड का एक शिप लगातार सेफ हाउस के चारो ओर पेट्रोलिंग करता रहता है.

वहीं, आपातकालीन हालात में दाऊद को इस सेफ हाउस से भगाने का भी विशेष इंतज़ाम तैयार रहता है. इसके लिए यहां पाकिस्तानी कोस्टगार्ड की “नाख़ुदा” नाम एक विशेष स्पीड बोट तैनात रखी जाती है जो दाऊद को महज़ 5 से 6 घंटों में सेफ हाउस से दुबई शिफ्ट कर सके. संजोग से मुंबई में दाऊद के इलाके को “नाख़ुदा मोहल्ला” के नाम से भी जाना जाता है. दुबई में दाऊद को रिसीव करने से लेकर उसे छिपाने का इंतज़ाम और सड़क के रास्ते दूसरी जगह शिफ्ट करने की ज़िम्मेदारी फ़ारूक टकला की हुआ करती थी. इतना ही नहीं दाऊद एक बार इस रास्ते का प्रयोग भी कर चुका है जब उसे उमराह कराने में फ़ारूक ने मदद की थी.

दाऊद पर 2 बार जानलेवा हमले की कोशिश की जा चुकी है. ये कोशिश वर्ष 2000 से लेकर 2005 के बीच एक बार पाक के लोकल गैंग और दूसरी बार छोटा राजन के शूटर्स ने की थी, मगर पाकिस्तानी रेंजर्स की सुरक्षा के चलते ये कोशिश नाकाम ही रही. सूत्रों का दावा है कि ख़ुफ़िया एजेंसियां ये जानकारी जल्द ही सीबीआई से साझा करेंगी जिसके बाद सीबीआई इस बारे में फ़ारूक टकला से पूछताछ कर सकती है.

वहीं, सीबीआई पूछताछ के दौरान फारूक ने जांच एजेंसियों को चुनौती देते हुए कहा कि तुम दाऊद को तो क्या उसके नौकर तक को भारत नहीं ला सकते. सूत्रों के मुताबिक फारुक टकला जांच एजेंसी सहयोग न करते हुए अपना कबूलनामा देने को तैयार नहीं है. वह पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बीमार होने और तबीयत खराब होने का हवाला भी दे रहा है. फारुक टकला ने CBI को बताया कि उसकी ख्वाहिश है कि वह हिंदुस्तान में ही आखिरी सांस ले और मरने के बाद उसे मुंबई में ही दो गज जमीन नसीब हो.

बता दें कि फारुक ने CBI हिरासत में शुरुआती पूछताछ के दौरान बताया कि उसके परिवार में उसकी पत्नी के अलावा 2 बेटे हैं जो दुबई में पिछले कई सालों से उसके साथ ही रहते हैं. बड़ा बेटा पोस्टग्रेजुएट है और उसने कुछ महीनों पहले ही अपनी नौकरी छोड़ी. जबकि छोटा बेटा अभी भी कॉमर्स की पढ़ाई कर रहा है. जांच एजेंसियों से बचने के लिए फारूक भी कंपनी से दूर रह कर दुबई में कई सालों से टैक्सी चलाने का काम कर रहा था. उसकी मां की तबीयत बेहद खराब है जो मुंबई में के जुड़वा भाई अहमद के साथ रहती है.

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