पानी का करें ज़्यादा उपयोग; नहीं तो हो सकती है पथरी

 पथरी से बचने के लिए रोज पीयें 10-12 गिलास पानी

एक अनुमान के अनुसार, हर 20 में से एक व्यक्ति के किडनी में स्टोन हो जाता है. लिहाजा देश में 5 से 7 मिलियन लोगों को किडनी में पथरी की बीमारी है.

किडनी की सेहत को ठीक रखने के लिए सही खाना बहुत जरूरी है, लेकिन पानी की कमी किडनी में पथरी की बीमारी का खतरा बढ़ा देती है. वैसे ये बीमारी जेनेटिक वजहों से भी होती है, लेकिन इसमें लाइफस्टाइल और डायट का योगदान भी होता है. 

गर्मी में पसीने के साथ शरीर का विषाक्त तत्व तो बाहर निकलता ही है, साथ में पसीने के साथ शरीर का खनिज और पानी भी निकल जाता है. इसी वजह से गर्मी में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है.

शरीर में पानी की कमी के कारण पेशाब कॉन्सेंट्रेट हो जाता है. जिस वजह से नमक और खनिज किडनी की आंतरिक परत पर इक्कठा हो जाता है और यही जमाव धीरे-धीरे पत्थर का बन जाता है.

जो लोग ज्यादा से ज्यादा पेशाब करते हैं, ऐसे लोगों में पथरी की बीमारी का खतरा कम होता है. दिन में 2 से 2.5 लीटर मूत्र त्यागने वाले लोगों में स्टोन का खतरा 50 फीसदी कम हो जाता है.

किडनी में मौजूद पत्थर सिर्फ किडनी की सेहत को प्रभावित नहीं करता. इससे शरीर का पूरा सिस्टम प्रभावित होता है. 

भरपूर पानी पीकर पथरी की बीमारी से बचा जा सकता है. रोज आप पानी कितना पीते हैं इसका अंदाजा आपकी पेशाब से लगाया जा सकता है. जब हम कम पानी पीते हैं तो हमारा पेशाब पीले रंग का हो जाता है और बदबू भी आती है. इसलिए गर्मी में ज्यादा पानी पीना जरूरी है, जब शरीर को सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है. गर्मियों में प्रत्येक व्यक्ति को 10-12 गिलास पानी पीना चाहिए.
 

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