भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में PDP से समर्थन लिया वापस, शाम तक इस्तीफा दे सकती हैं महबूबा मुफ्ती

 जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने महबूबा मुफ्ती की सरकार से समर्थन वापस लिया

जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पीडीपी के बीच गठबंधन टूट गया है. खुद भाजपा महासचिव और जम्मू -कश्मीरर के प्रभारी राम माधव ने यह घोषणा की. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंीने कहा कि घाटी के हालातों को देखते हुए गठबंधन में रहना सही नहीं है. वहीं, राज्य  के उप मुख्यतमंत्री कविंद्र गुप्ता  ने भी कहा है कि मैंने और हमारे सभी मंत्रियों-विधायकों ने राज्य पाल को अपना इस्तीिफा भेज दिया है. 

राम माधव ने कहा कि राज्य  में भाजपा का पीडीपी को अब समर्थन देना संभव नहीं है. हमने राज्यह सरकार में हमारे उप मुख्यरमंत्री कविंद्र गुप्तां और अन्यफ सभी मंत्रियों से बातचीत की. सबकी सहमति से फैसला लिया गया है. जम्मूर-कश्मीमर में भाजपा अपनी भागीदारी को वापस लेगी. हमने राज्यभ में गठबंधन के तहत तीन साल पहले सरकार बनाई थी. उस समय जनता का खंडित जनादेश था. चुनावी परिणाम में जम्मूर का क्षेत्र पूर्ण रूप से भाजपा के पास था, वहीं घाटी में पीडीपी को सीटें मिलीं.

राम माधव ने कहा भाजपा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में शांतिपूर्ण तरीके से सरकार चलाने की कोशिश करती रही है. पीडीपी से अलग होने का फैसला देशहित और राष्ट्रहित को लेकर किया गया है. जम्मू कश्मीर में मीडिया की आजादी अब खतरे में आ गई है. घाटी में जिस तरह से पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या की गई, वह निंदनीय है. पिछले तीन सालों में घाटी के हालातों को शांतिपूर्ण करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यै का सभी तरह से साथ दिया है.

उन्होंने कहा कि घाटी के विकास और अन्य कामों के लिए कुछ दिन पहले ही 18 हजार करोड़ की वित्तीसय सहायता दी गई. तीन दिन पहले ही पीएम मोदी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करके आए हैं, जो प्रदेश के विकास के हिसाब से काफी अहम हैं. राज्य के हालातों को ठीक करने के लिए सीएम महबूबा मुफ्ती ने जो भी मदद मांगी है, केंद्र सरकार ने उन्हें वह दिया है. केंद्र से तमाम मदद मिलने के बावजूद राज्य सरकार घाटी में शांति कायम करने में असफल रही है.

loading...