Q4 में टेलीकॉम कंपनियों के नतीजे रहेंगे कमजोर : COAI

 Q4 में टेलीकॉम कंपनियों के नतीजे रहेंगे कमजोर : COAI

दूरसंचार क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण इस क्षेत्र की कंपनियों की कमाई अभी तीन-चार तिमाही तक खराब ही रहने की संभावना है. दूरसंचार कंपनियों के संगठन सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI ) ने यह आशंका व्यक्त की है.

दूरसंचार क्षेत्र की बड़ी कंपनियां आने वाले हफ्तों में जनवरी-मार्च तिमाही का रिजल्ट घोषित करने वाली हैं. दूरसंचार उद्योग में जारी गलाकाट प्रतिस्पर्धा से शुल्क कम हुआ है जिससे उपभोक्ताओं को तो लाभ हुआ लेकिन कंपनियों का मुनाफा प्रभावित हुआ है.

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर 2017 को समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर दूरसंचार कंपनियों का सकल राजस्व 8.1 प्रतिशत गिरा है जबकि गवर्नमेंट को मिलने वाला लाइसेंस शुल्क 16 फीसदी कम हुआ है.

COAI के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने कहा कि आने वाले महीनों में दूरसंचार कंपनियों का दबाव कम नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण यह निश्चित है कि कमाई तीन-चार तिमाही तक प्रभावित ही रहेगी. यह ऐसा है जो नयी सामान्य स्थिति बनने वाला है और मुझे नहीं लगता कि यह अचानक से बदलने वाला है.

मैथ्यूज ने कहा कि दूरसंचार कंपनियां 2 तरह के दबाव का सामना कर रही हैं. पहला, भारी छूट की पेशकश करने के बाद दरों में वृद्धि करने से जुड़ा तथा दूसरा विभिन्न सेवाओं के मूल्य के आधार पर प्रतिस्पर्धी होने में तेजी आना.

उन्होंने कहा कि इसीलिए हमें संवर्धित राजस्व पर ध्यान देना होगा और हम उम्मीद करते हैं कि दूरसंचार कंपनियां इतनी समझदार होंगी कि वे इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा 5जी आदि के जरिये आने वाले नये अवसरों को भी मूल्य के हिसाब से प्रतिस्पर्धी नहीं बनाएंगी.

कोटक ने दूरसंचार क्षेत्र की कमाई की एक हालिया समीक्षा में पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि जनवरी में रिलायंस जियो का आक्रामक मूल्य निर्धारण, अंतरराष्ट्रीय टर्मिनेशन शुल्क में कमी का प्रभाव तथा प्रति उपयोक्ता औसत राजस्व पर जारी दबाव के कारण कंपनियों को एक और तिमाही में राजस्व में भारी गिरावट का सामना करना पड़ेगा. उसने यह भी कहा था कि भारती एयरटेल को बीते कई वर्षों में पहली बार नुकसान उठाना पड़ सकता है.

loading...