NADA से डोप टेस्ट कराने की मांग को BCCI ने किया खारिज

 NADA से डोप टेस्ट कराने की मांग को BCCI ने किया खारिज

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) की क्रिकेट खिलाड़ियों के डोप परीक्षण की मांग को आज भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने यह कहते हुये खारिज कर दिया कि इस सरकारी संस्था के अधिकार क्षेत्र में क्रिकेटरों का डोप परीक्षण करना सही नहीं है. BCCI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जोहरी ने नाडा प्रमुख नवीन अग्रवाल को खत लिखकर साफ किया कि बीसीसीआई राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) का हिस्सा नहीं है और ऐसे में वह क्रिकेटरों का परीक्षण नहीं कर सकती और BCCI की डोपिंग रोधी प्रणाली काफी मजबूत है.

उन्होंने कहा कि यहां यह उल्लेख करना प्रसांगिक है कि BCCI एनएसएफ का हिस्सा नहीं है, इसलिये नाडा के पास बीसीसीआई के मुताबिक आयोजित होने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने वाले खिलाड़ियों के डोप परीक्षण करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि उपरोक्त कथन के अनुसार इसकी कोई आवश्यकता नहीं है कि BCCI के अधिकारी मैच के दौरान या बाद में क्रिकेटरों के डोपिंग परीक्षण के लिये नाडा से सहयोग करें. BCCI ने यह जवाब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तैनात प्रशासकों की समिति की सलाह से दिया है.

इस मामले में जोहरी ने नाडा प्रमुख के अलावा खेल सचिव को भी लिखा है, जिन्होंने अक्तूबर में BCCI से नाडा के साथ सहयोग करने की मांग की थी. मंत्रालय ने कहा कि नाडा को बीसीसीआई का सहयोग नहीं मिलने के कारण उस पर विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगेगा.

वहीं, जोहरी ने दावा किया कि BCCI वाडा के नियमों के तहत काम करता है. उन्होंने कहा कि आप इस बात की तारीफ करेंगे कि नमूनों के परीक्षण और जांच के लिये BCCI वाडा के नियमों के अनुसार इंटरनेशनल लेवल की प्रयोगशालाओं में जांच और परीक्षण कराती है.

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