अब Bank Of Maharshtra 2000 हजार करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में सीएमडी समेत 6 गिरफ्तार

  बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के सीएमडी समेत 6 लोग गिरफ्तार, 2000 हजार करोड़ के लेन-देन का है मामला

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में पुणे के जानेमाने बिल्डर और उद्योगपति डीएसके पुलिस की गिरफ्त में है. धोखाधड़ी के इस मामले में अब एक और चौंकाने वाली सूचना सामने आई है. लोन डिफॉल्ट मामले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र  के सीईओ एंड एमडी रविंद्र मराठे को गिरफ्तार किया गया है. 2000 करोड़ के DSK ग्रुप लोन डिफॉल्ट में पुणे पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने उन्हें गिरफ्तार किया है. मराठे के अलावा बैंक के एग्जिक्यूटिव डायरेक्ट आर के गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक राजेन्द्र गुप्ता, जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे, डीएसके के सीए सुनील घाटपाण्डे, वीपी इंजीनियरिंग विभाग के राजीव नेवास्कर भी गिरफ्तार किए गए हैं.

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकारियों की गिरफ्तारी से बैंकिंग क्षेत्र में खलबली मच गई है. गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में बैंक के पूर्व सीएमडी सुशील मुहनोत भी शामिल हैं. रविंद्र मराठे और सुशील मुहनोत पर आरोप है कि इन्होंने दिवालिया हो चुके डीएसके ग्रुप को गलत तरीके से लोन मुहैया कराने में सहायता की थी. डीएसके की कई कंपनियां सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही. इन कंपनियों को भी बैंक से कर्ज दिए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर धोखाधड़ी, फोर्जरी, क्रिमिनल कॉन्सिपिरेंसी जैसे कई मामले दर्ज किए गए हैं. बैंक के पूर्व सीएमडी सुशील मुहनोत को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सीईओ और एमडी रविंद्र मराठे समेत बैंक के कई अधिकारियों ने दिवालिया हो चुके बिल्डर डीएस कुलकर्णी को लोन दिलाने में मदद की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक अधिकारियों को उनके दिवालिए होने की जानकारी पहले से ही थी.

डीएसके ग्रुप के प्रमुख डीएस कुलकर्णी पुणे बेस्ड बल्डिर हैं, जिन पर 4000 निवेशकों को धोखा देने का आरोप है. डीके और उनकी वाइफ हेमन्ती को इसी साल फरवरी में क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट किया था. कुलकर्णी पर बैंक का पैसा न चुकाने और सही समय पर फ्लैट न देने के आरोप थे. कुलकर्णी पर निवेशकों के 230 करोड़ रुपए भी नहीं लौटाने का आरोप है.

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