शहीद औरंगजेब के घर पहुंचकर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने परिवार वालों की मुलाकात

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शहीद औरंगजेब के घर पहुंचकर परिवार से की मुलाकात

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने आतंकियों द्वारा मारे गए सेना के सिपाही औरंगजेब के परिजनों से मुलाकात की. वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले स्थित शहीद औरंगजेब के घर गए और उनके परिवार को दिलासा दिया. औरंगजेब सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थे. बता दें कि आतंकियों ने पुलवामा से औरंगजेब का अपहरण कर लिया था जब वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे. इसके बाद 14 जून को उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था.

इसके अलावा वहां शुजात बुखारी नाम के एक पत्रकार को भी मार दिया गया था. आतंकियों द्वारा अंजाम दी गईं दोनों घटनाओं की वजह कश्मीर समेत देश के बाकी हिस्सों के लोगों में काफी नाराजगी है. उनके पिता मोहम्मद हनीफ और भाई केंद्र सरकार को अल्टिमेटम देते हुए कह चुके हैं कि मोदी सरकार आतंकियों को मारकर बेटे की शहादत का बदला ले वरना वह खुद बदला लेंगे. औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ खुद भी सेना में रह चुके हैं.

सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान औरंगजेब को बीते दिनों अपहरण किया गया था, जिसके बाद आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी थी. आतंकियों ने उस वक्त औरंगजेब का अपहरण किया, जब वह ईद की छुट्टी लेकर अपने घर पुंछ लौट रहे थे. औरंगजेब उस कमांडो ग्रुप का हिस्सा थे, जिसने हिज्बुल कमांडर समीर टाइगर को मार गिराया था. 16 जून को उन्हें अंतिम विदाई दी गई थी. जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग इक्कठे हुए थे.

जांबाज बेटे से मिलने की आरजू सीने में दफन कर चुके पिता हनीफ के गुस्से का साहस शनिवार को टूट गया. खुद भी सेना से रिटायर्ड पिता ने फादर्स डे से एक दिन पहले केंद्र की मोदी सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सरकार 72 घंटे में औरंगजेब के कातिलों को मौत के घाट उतारे. हनीफ ने यह भी कहा कि अगर 72 घंटे में ऐसा नहीं हुआ तो मैं खुद बेटे की शहादत का बदला लूंगा. उन्होंने कहा, मेरे बेटे ने देश के लिए जान कुर्बान की है. केंद्र और राज्य सरकार को आतंकवाद के खात्मे के लिए ठोस कदम उठाने ही होंगे.

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