गुरमेहर को मिला पाकिस्तानी भाई, कहा- पिता नहीं भाई का प्यार देना चाहता हूं

गुरमेहर को मिला पाकिस्तानी भाई, कहा- पिता नहीं भाई का प्यार देना चाहता हूं

1947 से आजादी के बाद भारत ने कई जंगो को लड़ा है. चाहे वो पाकिस्तान के साथ हो या फिर चीन. जंग चाहे हमने जीती हो या हारी लेकिन एक चीज़ जो हर जंग में हमने देखी है वो है ‘खोना’. हमारे अपनों को अपनी आँखों के सामने मरते देखना. अपने इकलोते बेटे, भाई, अपने पिता, अपने 

चाचा, अपने सुहाग को उजड़ते हुए देखना. अपनी आँखों से अपनों को राख़ होते हुए देखना. लेकिन फिर भी अपनी मातृभूमि के लिए सैदव तत्पर रहना. अपने तिरंगे झंडे के लिए अपना सिर सदैव गर्व से ऊँचा रखना. 

लेकिन फिर भी कभी न कभी इस देश में लोग इन सब बलिदानों को भूल कर, हमारे सैनिक परिवारों के त्याग को भूलकर उन्हीं पर सवाल खड़े कर देते हैं. गुरमैहर कौर का विवाद आज इतना बड़ा हो गया है कि हर पार्टी उस पर अपनी सियासी रोटी सेक़ रही है. गुरमेहर कौर के पिता कारगिल युद्ध में शहीद हो गये थे. गुरमेहर कौर दिल्ली के रामजस कॉलेज 
विवाद की वजह से सुर्खियों में आई. गुरमेहर कौर ने 22 फरवरी 2017 ABVP की कथित भूमिका के खिलाफ़ अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदली थी. गुरमेहर के विरोध का यह तरीका मीडिया में वायरल हो गया और महज कुछ घंटो में “मैं abvp से नहीं डरती” सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. 

लेकिन विरोध करने के इस तरीके पर गुरमेहर कौर को खुद विरोध का सामना करना पड़ा. गुरमेहर की उस तस्वीर पर हंगामा मच गया जिसमें वह एक प्लेकार्ड लेकर खड़ी है जिसमें अंग्रेजी में लिखा है “मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं मारा बल्कि जंग ने मारा है”. 20 साल की गुरमेहर कौर की आलोचना करने वालों में वीरेंद्र सहवाग भी शामिल थे 
लेकिन पाकिस्तान के फैयाज खान ने गुरमेहर का साथ दिया है. 

फैयाज खान ने गुरमेहर की तरह एक विडियो बनाकर उसको समर्थन दिया है. यह पाकिस्तान में काफ़ी वायरल हो रही है. हर तरफ से विरोध का सामाना कर रही गुरमेहर को आखिर किसी तिनके का सहारा मिला है. 

क्या मेसेज दे रहे है फैयाज खान 

फैयाज खान ने विडियो में कहा है कि हम सबको आपके पिता की मौत का अफ़सोस है मेरा बचपन पाकिस्तान में बिता है. मैंने जंग को करीब से समझा है. मैंने अपने किसी को जंग में खोया तो नहीं है  पर मैं आपका दर्द समझ सकता हूं. लेकिन हमारे आसपास बहुत सी गुरमेहर कौर हैं. मैं भारत आना चाहता हूँ. वो भी बिना वीजा के. हम क्यों नहीं इन 
बंदिशों के खिलाफ जंग लड़ें. हम दोनों मुल्कों में अमन बहाली के लिए जंग क्यों नहीं कर सकते ताकि आने वाले वक्त में फिर कोई गुरमेहर कौर को अपने पिता को न गंवाना पड़े. हम ऐसे रिश्ते की बुनियाद डालने की कोशिश करते हैं जहां मुस्लिम हमारा भाई हो और एक सिख मेरी बहन हो.

आपको बता दे की गुरमेहर कौर के पिता भारतीय आर्मी में कैप्टेन थे और गुरमेहर अपने पिता की मौत का जिम्मेदार पाकिस्तान को नही बल्कि जंग को मानती है और जंग की बजाए शांति का अभियान चला रही है. लेडी श्री राम कॉलेज में गुरमेहर कौर ने अपने संदेश में कहा था ‘मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं जंग ने मारा है’

रिपोर्टों के अनुसार गुरमेहर कौर ने पाकिस्तान के हवाले से यह पोस्टर एक साल पहले यूट्यूब पर जारी किया था, जिस पर उन्हें रेप की धमकी दी गई थी जिसकी शिकायत दिल्ली महिला आयोग में दी गई है.

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