ई-कॉमर्स कंपनी वॉलमार्ट खरीद सकती है फ्लिपकार्ट को, साथ ही कर लेगी 40 प्रतिशत भारतीय बाज़ार पर अपना कब्जा

 ई-कॉमर्स कंपनी वॉलमार्ट खरीद सकती है फ्लिपकार्ट को, साथ ही कर लेगी 40 प्रतिशत भारतीय बाज़ार पर अपना कब्जा

वॉलमार्ट कर सकती है फ्लिपकार्ट को खरीदने का एलान. जी हाँ इस डील का एलान किसी भी पल हो सकता है. दुनिया की सबसे बड़ी रीटेल कंपनी वॉलमार्ट और भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के बीच डील का एलान कभी भी हो सकता है. इस डील के जरिए वॉलमार्ट को भारत में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिल जाएगा. ईकॉमर्स- बाजार में फ्लिपकार्ट की 40% हिस्सेदारी है. भारत में कंपनी को अमेजन से टक्कर मिलेगी, क्योंकि बाजार इसकी 38% मौजूदगी है.

जानकारी के मुताबिक, वॉलमार्ट 15 बिलियन डॉलर में फ्लिपकार्ट की 60-80% हिस्सेदारी खरीद सकती है. डील से दोनों कंपनियों को फायदा होगा. 

भारतीय कंपनी फ्लिपकार्ट में अभी जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप और टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट की 20-20% हिस्सेदारी है. इन दोनों कंपनियों से अपना शेयर बेचने के लिए कहा गया है. चीनी मार्किट में भी दोनों कंपनियों के बीच सीधी टक्कर है.

डील होने पर फ्लिपकार्ट को एक बड़ी रकम मिलेगी, साथ ही रीटेल कारोबार का वॉलमार्ट का लंबा अनुभव भी काम आएगा. नई टेक्नोलॉजी का साथ भी मिलेगा जिससे फ्लिपकार्ट, अमेजॉन को चुनौती दे सकेगी.

वॉलमार्ट और अमेजॉन ने भारत में एक दूसरे को पछाड़ने के लिए भी फ्लिपकार्ट पर दांव लगाया क्योंकि दोनों को चीन में अपने कंपीटीशन का नुकसान उठाना पड़ा था और दोनों ही दिग्गज वहां अलीबाबा से पिछड़ गए. स्वदेशी जागरण मंच भी इस डील के खिलाफ है. उसका कहना है कि इस सौदे से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों बाजारों पर वॉलमार्ट का कब्जा हो जाएगा और छोटे कारोबारियों को नुकासान उठाना पड़ेगा. ई-कॉमर्स सेक्टर में एफडीआई की इजाजत नहीं है ऐसे में ये डील अवैध होगी.

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