वाराणसी फ्लाईओवर हादसा : परिवारों ने खो दिए अपने, मिला न भरने वाला जख्म

 Varanasi Flyover हादसे के चलते थम गयी परिवारों की जिंदगियां

वाराणसी का हादसा कई परिवारों की जिंदगियों को तबाह कर गया. मंगलवार दोपहर कैंट स्टेशन के पास हुए इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, तो कई लोग ज़ख़्मी हो गये. किसी का पूरा परिवार ही खत्म हो गया. वहीँ कुछ परिवारों ने अपनों को ही खो दिया. 

कंचनपुर की रहने वाली कुमकुम सिंह इस हादसे में अपने पति और बेटे को खो बैठीं. साथ ही खुद भी घायल हो गयी. बेटा हाईस्कूल की परीक्षा देने के बाद आगे की पढ़ाई की तैयारी के लिए कोटा जा रहा था लेकिन भाग्य में कुछ और ही लिखा था.

वहीँ जौनपुर के चंदवक के रहने वाले एक ही परिवार के तीन लोग भी इस हादसे की भेंट चढ़ गए और अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठे. रामचंद्र (40), अरुण कुमार वर्मा (43) और विद्या देवी (50) शामिल हैं. यह पूरा परिवार बनारस में किसी काम से साथ ही आया था. 

घटना में कुछ ऐसे परिवार भी हैं, जिनके परिजन यहां इलाज कराने आए थे लेकिन उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी. भदोही निवासी राम जो अपने परिवारीजनों के साथ ही मंगलवार को दिन में यहां आए थे. किसी काम से लहरतारा से कैंट की तरफ बोलेरो से जा रहे थे कि इसी बीच पुल का बीम गाड़ी पर आकर गिर गया. घायल समझकर किसी ने उन्हें लंका स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी मौत हो गई.

कई और भी ऐसे परिवार हैं जिन्होंने अपना सब कुछ लुटा दिया. बीम गिरने के बाद दुर्घटनास्थल पर मंजर यह था कि दबे-फंसे वाहनों से केवल चीखें सुनाई दे रही थीं. फंसे लोगों में से कोई हाथ हिला रहा था तो कोई पानी मांग रहा था. किसी गाड़ी में फंसे बच्चे की रोने की आवाज से भी कई लोग दर्द में नजर आए.

एक स्विफ्ट कार में फंसी महिला हाथ हिला रही थी पर उस तक पहुंचे पर भी उसे निकालना संभव नहीं था. लोग बार-बार उन्हें निकालने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली. और वो भी जिंदगी का साथ छोड़ गयी. 

बताया जा रहा है ये हादसा घटिया इंजीनियरिंग के चलते हुआ. निर्माण के दौरान जरुरी मानकों की अनदेखी की गयी.  

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