SBI को 7718 Cr. रुपए का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग दोगुने से ज्यादा बढ़कर 28096 Cr. रुपए

एसबीआई का घाटा अनुमान से कई गुना आगे निकला, 2017-18 की चौथी तिमाही में 7,718 करोड़ रु की चपत

फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नतीजे अनुमान से खराब रहे हैं। इस दौरान बैंक को 7718 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में बैंक को 2814 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। जनवरी-मार्च, 2018 के दौरान प्रोविजनिंग बढ़ने का असर नतीजों पर दिखा। वहीं, बैंक का बैड लोन भी इस दौरान बढ़ गया है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की तीसरी तिमाही में भी बैंक को 2416 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। 

फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग 11740 करोड़ रुपए से बढ़कर 28096 करोड़ रुपए हो गई। 

चौथी तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए बढ़कर 10.91 फीसदी हो गया है, जबकि एक‍ तिमाही पहले बैंक का ग्रॉस एनपीए 10.35 फीसदी रहा था। वहीं, एक साल पहले की समान अवधि में ग्रॉस एनपीए 9.1 फीसदी था। चौथी तिमाही में बैंक का नेट एनपीए बढ़कर 5.73 फीसदी हो गया है, जबकि एक तिमाही पहले नेट एनपीए 5.61 फीसदी था। वहीं, एक साल पहले की समान अवधि में नेट एनपीए 5.19 फीसदी था। 

चौथी तिमाही में एसबीआई का नेट इंटरेस्ट इनकम 10.5 फीसदी बढ़कर 19974 करोड़ रुपए रहा है। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम 18071 करोड़ रुपए रही थी। 

 

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