श्रीराधाकृष्ण के इस मंदिर में रोज लगता है सात बार भोग

श्रीराधाकृष्ण के इस मंदिर में रोज लगता है सात बार भोग

राजस्थान के करौली किले में कान्हा जी यानी मदन मोहनजी का मंदिर है। भगवान श्रीकृष्ण के अनेक नामों में से एक मदन मोहन भी है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा गोपाल सिंह ने करवाया था। इस मंदिर में भगवान कृष्ण और देवी राधा की प्रतिमाएं हैं। करौली के निवासियों में मदन मोहन के प्रति अपार श्रद्धा और आस्था है। 

मंदिर के प्रवेश द्वार से गर्भगृह के बीच लंबा चौबारा है। गर्भगृह में सुंदर नक्काशियां भी हैं। मंदिर के निर्माण में करौली के पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। मुख्य मंदिर के अलावा मंदिर परिसर में कई और मूर्तियां भी स्थापित हैं। चांदनी रात में मंदिर का सौंदर्य देखने लायक होता है।
मदन मोहन मंदिर में स्थापित कृष्ण जी की ऊंचाई तीन फुट है, जबकि राधा जी की प्रतिमा दो फुट ऊंची हैं। दोनों मूर्तियां अष्टधातु की बनी हैं और दोनों की सुंदरता अद्भुत है।

भगवान मदन मोहन को दिन में सात बार भोग लगाया जाता है। उन्हें मिष्ठान काफी प्रिय है। उनके भोग में मुख्य है- दोपहर को राजभोग और रात को शयनभोग। शेष पांच भोगों में मिष्ठान्न आदि रहता है। इसमें मालपुआ, रसगुल्ले जैसी मिठाइयां होती हैं। खास मौकों पर मदन मोहन जी को 56 भोग लगाए जाते हैं। इसमे कई प्रकार के पकवान होते हैं। इसके लिए बड़ी तैयारी की जाती है।

करौली बस स्टैंड से मंदिर की दूरी दो किलोमीटर है। करौली के मुख्य बस स्टैंड से रिक्शा या ऑटो से या फिर पैदल भी मंदिर तक जा सकते हैं। मंदिर करौली किले के पीछे चौधरीपाड़ा में स्थित है। मंदिर के साथ श्रद्धालुओं के लिए एक धर्मशाला भी है।

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