देश की सर्वोच्च अदालत ने कब कब की रात को स्पेशल सुनवाई, जानें

 कब हुई देश में रात को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

बुधवार की रात भारतीय राजनीति के लिए बहुत खास थी. आधी रात को सर्वोच्च अदालत ने विशेष सुनवाई करते हुए कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के शपथग्रहण पर मुहर लगा दी. इसी के साथ बीजेपी खेमे में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी. कांग्रेस-जेडीएस ने राज्यपाल वजूभाई वाला के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दायर करते हुए बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे बीएस येदियुरप्पा को शपथ लेने से रोकने की अपील की थी.

कुछ ऐसे मामले होते हैं जिनमें सुप्रीम कोर्ट को तत्काल फैसले लेने होते हैं. ये कोई पहला केस नहीं है जब रात को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की हो. एक नजर कब-कब हुई रात में सुनवाई : 

07 सितंबर, 2015: फांसी के तख्ते पर पहुंचने के कुछ घंटे पहले ही निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से अभयदान दिया. शीर्ष अदालत ने रात एक बजकर 40 मिनट पर फांसी के फैसले पर अमल एक सप्ताह के टाल दिया. न्यायमूर्ति एचएल दत्तू व न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ ने कोली की याचिका पर विशेष सुनवाई की थी.

इसके अलावा 29 जुलाई, 2015 को मेमन के लिए भी रात तीन बजे का बाद लगी कोर्ट: 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेनन की फांसी रोकने के लिए कुछ सीनियर वकीलों ने रात दो बजे सुप्रीम कोर्ट खुलवाया. 3.20 मिनट पर सुनवाई शुरू हुई. डेढ़ घंटे चली सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी गई. यह सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली 3 सदस्यीय पीठ ने की थी.

इसके अलावा 02 फरवरी, 2017 को देह व्यापार, रेप मामले में रात भर चला मुकदमा, सुबह आया फैसला: छत्तीसगढ़ की एक अदालत में नाबालिग आदिवासी लड़कियों को देह व्यापार के दलदल में धकेलने और दुष्कर्म के मामले की सुनवाई रात भर चली. विशेष अदालत ने सुबह 212 पन्ने का फैसला सुनाया. 7 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, एक को 14 साल और एक को 10 साल की सजा सुनाई गई.

कई बार मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालतें रात भर काम करती हैं. ताकि जल्द से जल्द से फैसला आ सके.

loading...