'ये मेरी गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं' : सीनेट में जुकरबर्ग ने कहा

फेसबुक डेटा लीक मामले में मार्क ज़करबर्ग ने मांगी माफी, कहा- भारत के चुनाव में ईमानदारी बरतेंगे

सेनेट कॉमर्स ऐंड जूडिशरी कमिटियों के सामने पेश हुए जकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी ली है और चुनावों के दौरान लोगों का भरोसा बहाल करने की कोशिश में कहा कि भारत में आगामी चुनावों के दौरान पूरी ईमानदारी बरती जाएगी.

अमेरिकी कांग्रेस में पेशी के दौरान जकरबर्ग ने कहा कि हमारी यह जिम्मेदारी है कि सिर्फ टूल्स ही ना बनाएं, बल्कि यह भी आश्वस्त करें कि उन टूल्स का इस्तेमाल अच्छे के लिए हो. यह स्पष्ट है कि हम टूल्स का इस्तेमाल गलत चीजों के लिए होने से रोक नहीं पाए. फेक न्यूज, हेट स्पीच, चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप, डाटा की निजता जैसे नुकसान को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाए. हम अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से नहीं निभा पाए. यह बड़ी गलती है और मैं क्षमा मांगता हूं. मैंने फेसबुक शुरू किया, मैं इसे चलाता हूं और यहां जो कुछ भी होता है उसके लिए मैं ही जिम्मेदार भी हूं.

कांग्रेस सीनेट की सुनवाई के दौरान उन्हें फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग बहुत गंभीर दिखे और उन्होंने सांसदों की बात सुनी. इस दौरान कॉमर्स कमेटी के चेयरमैन सेन जॉन थ्यून ने कहा कि जुकरबर्ग आपने और आपने जो कंपनी बनाई उसने जो कहानी बनाई वह अमेरिकी लोगों के सपनों का प्रतिनिधित्व करती है. जॉन ने कहा कि कई लोग आपकी सफलता की कहानी से प्ररेणा लेते हैं और विशेषकर जो आपने किया है उससे भी. लेकिन इसके साथ ही आपके ऊपर एक दायित्व भी है और यह आप पर निर्भर करता है कि आप सुनिश्चित करें कि आपकी कंपनी और उसका इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों द्वारा देखा गया सपना उनकी गोपनियता को लेकर दु:स्वप्न न बन जाए.सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग ने भी अपनी गलती मानी.

वहीं, जुकरबर्ग ने सीनेट की सुनवाई से पहले अपने बयान में कहा था कि अब यह साफ है कि हमनें अपने यूजर्स की गोपनियता को सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया था. जुकरबर्ग ने कहा कि मैं अपनी गलतफहमी की जिम्मेदारी लेता हूं. 

गौरतलब है कि ब्रिटेन की डेटा विश्लेषक कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक के डेटा का दुरुपयोग विवाद को लेकर फेसबुक को खासी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस कंपनी पर इंडिया में इलेक्शन प्रभावित करने का आरोप लगा है. कंपनी ने स्वयं ही दावा किया था कि उसने इंडिया के कई संस्थाओं और राजनीतिक दलों और नेताओं को अपनी सेवाएं दी हैं.

loading...