इस वजह से 11:11 पर ही घड़ी पर जाती है नजर

 इस वजह से 11:11 पर ही घड़ी पर जाती है नजर

दिनभर में हमारी जिंदगी कई अजीबोगरीब घटनाओं से होकर गुजरती है, मगर इनकी तरफ हमारा ध्यान ही नहीं जाता है. आज हम आपको ऐसी ही एक अजीब बात बताने जा रहे हैं जिस पर आपने अब तक गौर नहीं किया होगा.  

आपने शायद ही कभी ये नोटिस किया हो कि ज्यादातर एक खास समय पर ही हमारी नजर घड़ी की ओर जाती हैं. ऐसा दिन या रात के ग्यारह बजकर ग्यारह मिनट पर ही होता है. अक्सर आपके साथ ये घटना जरूर हुई होगी. 

दरअसल, ये कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि इसके पीछे एक विशेष कारण जुड़ा है. कुछ साइंटिस्ट्स इसके पीछे लॉजिक लगाते हैं. उनका मत है कि ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि न्यूम्रोलॉजी का सीधा संबंध संख्याओं से होता है और ये 'आक्टल' के शिष्टाचार के संबंध से जुड़ा है. इसी के आधार पर हम अपने जीवन में वर्तमान और आगामी प्रवृत्तियों का पता लगाते हैं. 

इसके संख्या पद्धतियाँ (Numeral system) में  प्रत्येक भाषा में कुछ न कुछ अंक अवश्य होते हैं. इकाई की संकल्पना से "एक" की और अनेकता की संकल्पना से "दो" की रचना हुए बिना नहीं रहती. लेकिन मानव स्वभाव हमेशा इकाई से ही शुरूआत करता है. इसलिए अधिकतर ध्यान घड़ी में 11 : ग्यारह बजने पर ही जाता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें वैज्ञानिक इसका कनेक्शन माया सभ्यता से भी जोड़कर देखते हैं. 26 हजार वर्ष पुरानी इस सभ्यता को एस्ट्रोलॉजी के मामले में बहुत एडवांस समझा जाता है. आपको बता दें कि इसी सभ्यता ने 21 दिसंबर, 2012 को ग्यारह बजकर ग्यारह मिनट पर ही दुनिया के अंत की बात कही थी. हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ. 

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