Malmas 2018: जानें महत्वपूर्ण बातें, क्या करें क्या न करें

Malmas 2018: 16 मई से प्रारम्भ मलमास महीना, बरतें सावधानियां

16 मई से शुरू हो गया है मलमास. मलमास का मतलब होता है अधिक मास. वैदिक पंचाग के अनुसार, अभी ज्येष्ठ का महीना चल रहा है. ज्येष्ठ का महीना मई में आता है. लेकिन इस बार साल 2018 में मलमास है, इसके चलते ज्येष्ठ का महीना एक महीने अधिक चलेगा.  इस बार मलमास 16 मई से शुरू हो गया है जो 13 जून तक रहेगा. भगवान विष्णु का महीना होने के कारण इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं. इस पवित्र में कुछ नियम हैं जिन्हें अपनाने से पुण्य मिलता है. 

कर सकते हैं ये काम: 
इस महीने में उपवास, पूजा-पाठ, ध्यान, भजन, कीर्तन, मनन करना बहुत लाभकारी होता है. मान्यता यह भी है कि इस महीने में जो भी जातक यज्ञ- हवन, श्रीमद् देवीभागवत, श्री भागवत पुराण, श्री विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण आदि का श्रवण, पठन, मनन करता है, उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है. भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है.

ना करें ये काम : 
मलमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं होता. इस दौरान शादी, सगाई, लगन, गृह प्रवेश, नए घर का निर्माण आदि जैसे काम नहीं होते. यह आध्यात्मिक महीना है, इसलिए इसमें भौतिक जीवन से संबंधित कार्य करने की मनाही होती है. लेकिन जो काम पहले से ही तय हैं कि इसी समय होने हैं आप उन्हें कर सकते हैं.

कहा जाता है कि अधिकमास या मलमास में किए गए धार्मिक कार्यों का किसी भी अन्य माह में किए गए पूजा-पाठ से 10 गुना अधिक फल मिलता है.

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