राहुल को कांग्रेस 'सौंप' सोनिया ने किया रिटायरमेंट का ऐलान

 सोनिया गांधी ने राहुल को कमान सौंपकर राजनीति से रिटायरमेंट की घोषणा की

कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुईं और उन्होंने कहा कि अब मैं रिटायर हो रही हूं. जब उनसे यह सवाल किया गया कि अब उनकी भूमिका क्या होगी, तब उन्होंने यह जवाब दिया. गौरतलब है कि राहुल गांधी सोमवार (11 दिसंबर) को कांग्रेस पार्टी के नये निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं.

ज्ञात हो कि सोनिया गांधी के पुत्र राहुल गांधी शनिवार को आधिकारिक रूप से कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे. इस मौके पर कांग्रेस के मुख्यालय में खास कार्यक्रम भी रखा गया है. सोनिया गांधी भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगी. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के सभी बड़े नेता मौजूद रहेंगे.

अध्यक्ष पद की कमान संभालने के साथ राहुल पर संगठन में बदलाव, संसद के शीतकालीन सत्र में केन्द्र सरकार का घेराव, सशक्त विपक्ष की धारदार भूमिका और 18 दिसंबर को चुनाव आयोग द्वारा गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों की होने वाली घोषणा के बाद उत्पन्न होने वाली राजनीतिक स्थिति से निबटने की तात्कालिक चुनौती होगी.

बता दें कि सोनिया गांधी ऐसे समय में पार्टी अध्यक्ष बनी जब कांग्रेस पार्टी की हालत ठीक नहीं थी. शरद पवार और सांगमा जैसे दिग्गज नेता पार्टी का साथ छोड़ चुके थे. कांग्रेस पार्टी केंद्र में सत्ता से बाहर थी. कई राज्यों में कांग्रेस सता में नहीं थी. वैसे तो साल 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद कई कांग्रेस नेताओं ने सोनिया से पूछे बिना उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कर दी थी. मगर तब सोनिया गांधी ने कहा था कि उन्होंने सियासत में नहीं आने की कसम खाई थी. मगर किसी तरह कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें मना ही लिया और वह 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बनी.

सोनिया गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस कई राज्यों में सत्ता में आई. साल 2004 में उन्ही की अध्यक्षता में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की सत्ता में वापसी की. ऐसे कयास लगाये जा रहे थे कि चुनाव जीतने के बाद सोनिया गांधी ही पीएम पद पर विराजमान होगी मगर ऐसा हुआ नहीं. उन्होंने डॉक्टर मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया. साल 2009 में भी कांग्रेस सोनिया गांधी के अध्यक्षता में ही लोकसभा चुनाव लड़ी और पार्टी को फिर देश की जानता ने सबसे बड़ी पार्टी बनाया.

मगर 2014 आते-आते कांग्रेस की हालत फिर कमजोर हो गई. 2014 में मोदी का जलवा चला और कांग्रेस पार्टी की बुरी तरह हार हुई. 2014 आम चुनावों के बाद लगातार कांग्रेस पार्टी की हार हो रही है.

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