उच्च्तम दर पर पहुंचे देश में डीजल-पेट्रोल के दाम; सरकार के हाथ में है दाम कम करना – बोले भूतपूर्व फाइनेंस मिनिस्टर

 पट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को देख आया भूतपूर्व फाइनेंस मिनिस्टर का बयान, कहा - 25 रुपये तक कम हो सकती हैं पेट्रोल की कीमत

इन दिनों देश में पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों ने हाहाकार मचा दिया है. दिल्ली और मुम्बई में तो आसमान छू चुके हैं दाम. बुधवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम 77.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 68.34 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए. मुंबई में पेट्रोल 84.99 रुपये और डीजल 72.76 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. 

विशेषज्ञ बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण ऐसा हो रहा है. इन बढ़ती कीमतों पर भूत पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का चौंकाने वाला ब्यान सामने आया है. 

उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार चाहे तो पेट्रोल के दाम में 25 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती कर सकती है, लेकिन वह एक-दो रुपये की कटौती कर जनता के साथ चीटिंग करेगी. उन्होंने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर लगातार ट्वीट कर मोदी सरकार पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं.

आगे उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी की वजह से प्रति लीटर 15 रुपये की बचत हो रही है जबकि सरकार ने उसपर 10 रुपये का अतिरिक्त कर लगा दिया है. इस तरह सरकार चाहे तो पेट्रोल पर 25 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की जा सकती है.

केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगाती है जबकि डीजल पर 15.33 रुपये लीटर की दर से उत्पाद शुल्क लगता है. राज्यों में वैट की दर अलग अलग है. उत्पाद शुल्क की दर प्रति लीटर निर्धारित है पर राज्यों में वैट की दर मूल्यानुसार लगती है. दाम बढ़ने पर वैट प्राप्ति भी बढ़ती है.

वहीँ दूसरी तरफ, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार इस मामले में केवल उत्पाद शुल्क कटौती पर ही निर्भर नहीं रहेगी बल्कि कुछ और कदम भी उठा सकती है. पेट्रोल-डीजल के दाम में उत्पाद शुल्क का हिस्सा मात्र एक चौथाई ही है. 

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