उत्तरप्रदेश में नहीं मिल रहा मजदूरों को पैसा, मनरेगा का पैसा खा रहे हैं भ्रष्ट पंचायती

 यूपी: डेढ़ साल से भ्रष्ट पंचायती खा रहे हैं मनरेगा मजदूरों का पैसा

रिपोर्टर पैलानी जसपुरा: जसपुरा क्षेत्र गौरी खुर्द गांव में डेढ़ वर्षों से गरीब मजदूर को उसकी मनरेगा मजदूरी का मेहनताना नहीं मिला है। गौरी खुर्द ग्राम पंचायत की गरीब महिला रामदुलारी पत्नी श्यामलाल प्रजापति ने मनरेगा के तहत बनवाई जा रही कच्ची सड़क में काम किया था। रामदुलारी का पति पैरों से अक्षम है जिसके चलते बन रहे मार्ग में रामदुलारी और उसकी पुत्री ने कार्य किया था।

उन्होंने मजदूरी के लिए बार-बार पंचायत मित्र अखिलेश, प्रधान जय सिंह और सचिव फूलमती वर्मा जो कि खुद एक महिला हैं से डेढ़ वर्षों से अपनी मजदूरी के लिए गिड़गिड़ा रही हैं, लेकिन ऐसे ही भ्रष्टाचारी लोगों की वजह से रामदुलारी का पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है और ऐसे ही भ्रष्टाचारी कामचोर अफसरों की कारण से सरकारी योजनाएं बदनाम व असफल होती हैं। आगे उक्त भुगतान के विषय में जब प्रधान से फोन पर बात की गई, तो उनका उत्तर था कि इस तरह की पंचायत में तमाम गड़बड़ियां बनी रहती हैं। किस किस को सही करें और जब मीडिया कर्मी ग्राम पहुंचे, तो वहां स्वच्छ मिशन के तहत चलाए जा रहे अभियान का कोई असर पड़ा नहीं मिला। वहीँ रास्ते में कीचड़ तथा  तथा गड्ढे, टूटे हुए खड़ंजे  ही मिले। जांच के वक्त जमादार बाबूराम रैदास व मस्तराम आदि लोगों ने बताया कि हम लोगों की भी मजदूरी डेढ़ वर्षों से नहीं दी गई है।

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