मक्का मस्जिद ब्लास्ट फैसले पर भाजपा ने कहा-कांग्रेस पार्टी के चेहरे पर से मुखौटा उतर गया

 मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: भगवा आतंक पर कांग्रेस माफी मांगे-बीजेपी

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में असीमानंद समेत 5 आरोपियों को बरी किए जाने पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार को फैसले पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एजेंसियों पर विश्वास खत्म हो गया है। उधर, भाजपा ने कहा कि जब टूजी में फैसला आया था तो कांग्रेस इसे सही कह रही थी और अब मक्का मस्जिद मामले में फैसले को गलत बता रही है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल से हिंदू धर्म को बदनाम करने की शिक्षा लेते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का अपमान करने के लिए राहुल माफी मांगें। इससे पहले फैसले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस मामले में न्याय नहीं हुआ।

संबित पात्रा ने कहा, "कांग्रेस के चेहरे से मुखौटा उतर गया है। 2013 में कांग्रेस के जयपुर अधिवेशन में मंच पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह और तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे जी मौजूद थे। सुशील कुमार शिंदे जी ने मंच से हिंदू आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था। एक ही झटके में हजारों वर्षों से चली आ रही इस संस्कृति को, भगवा रंग को, हिंदुओं को गाली देने का काम किया गया। उन्होंने भाजपा और संघ पर आरोप लगाया था। मंच पर सोनिया-राहुल और मनमोहन चुप थे, उन्होंने शिंदे को रोका नहीं था। 2010 में पी चिदंबरम ने हिंदू आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था। कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति, हिंदुओं और देश को बदनाम करने की साजिश का आज पर्दाफाश हुआ है।"

पात्रा ने कहा, "कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि 2जी के फैसले के वक्त कोर्ट को सही कह रहे थे और आज कोर्ट को गलत कह रहे हैं, ये दोहरे मापदंड कैसे हैं। क्या राहुल गांधी इंडियागेट पर क्षमा-याचना करने के लिए इंडिया गेट पर कैंडल लाइट लेकर आएंगे या नहीं आएंगे। पी चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे ने धर्म को बदनाम करने की शिक्षा सोनिया और राहुल गांधी से ली है। राहुल ने यूएस एम्बेसडर से कहा था कि हमें सिमी से नहीं हिंदू संगठनों से डर है, वो लोग आतंकवादी घटनाएं करते हैं। सलमान खुर्शीद बाटला हाउस के आतंकवादियों के आतंकवादियों को शहीद कह रहे थे। उन्होंने कहा था कि उन लोगों की बॉडी को देखकर सोनिया जी तीन दिन तक सो नहीं पाईं, रो-रोकर उनकी आंखें सूज गईं।"

गुलाम नबी आजाद ने कहा, "एनआईए भाजपा सरकार के तहत काम कर रही है। जांच एजेंसियों पर से भरोसा खत्म हो गया है।" अशोक गहलोत ने कहा, "केंद्र सरकार पर निर्भर करता है कि वो ब्लास्ट केस में आरोपियों को बरी करने वाले फैसले पर गौर करे। देखा जाए कि क्या इस पर आगे कोई अपील की जा सकती है। यह मामला न्याय व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।'

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "इस मामले में न्याय नहीं हुआ है। एनआईए और नरेंद्र मोदी ने आरोपियों को बेल दिए जाने के िखलाफ भी 90 दिन के भीतर अपील नहीं की। जांच पक्षपातपूर्ण थी, जिसकी वजह से आतंकवाद से लड़ने का हमारा लक्ष्य कमजोर हुआ है। इस धमाके में 9 लोगों की जान गई थी। एनआईए बहरा और अंधा तोता है।"

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