पत्रकार हत्याकांड: लालू यादव के बेटे तेज प्रताप को CBI की क्लीन चिट

 पत्रकार राजदेव हत्याकांड: RJD नेता तेजप्रताप यादव को SC से क्लीन चिट

 बिहार के सीवान जिले में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पत्नी की ओर से दाखिल याचिका खारिज कर दी है. इस याचिका में राजदेव की हत्या में बिहार के पूर्व मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप के हाथ होने की बात कही गई थी. इस हत्याकांड की जांच सीबीआई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने स्पष्ट कर दिया कि इसमें तेजप्रताप की कोई भूमिका नहीं थी. सीबीआई की इस दलील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी.

गौरतलब है कि इस हत्याकांड के एक मुख्य आरोपी की तस्वीर तेजप्रताप के साथ एक तस्वीर वायरल हुई थी. इसके बाद इस हत्याकांड में तेजप्रताप की भूमिका पर सवाल उठाया गया था.

इस हत्याकांड में शहाबुद्दीन समेत सात अभियुक्तों के खिलाफ इसी माह आरोप-पत्र दाखिल होने वाला है. पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में आरोपित अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां व सोनू कुमार गुप्ता की अर्जी को मुजफ्फरपुर जिला की अदालत 26 मार्च को सुनवाई करेगी. सीबीआइ ने उन दोनों व सभी आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने व आरोप गठन करने की कोर्ट से प्रार्थना की थी. आरोप-पत्र के गठन होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में इस मामले के ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. कोर्ट में तिहाड़ जेल से मोहम्मद शाहबुद्दीन और सीवान जेल से लड्डन मियां की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जबकि दूसरे पांच अभियुक्तों की सशरीर कोर्ट में पेशी की गई. सीबीआई द्वारा 22 अगस्त 2017 को ही शाहबुद्दीन समेत सात अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी और 302 में आरोप-पत्र समर्पित किया जा चुका है.

तिहाड़ जेल में कैद राजद के विवादास्पद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन का वजन पिछले साल फरवरी से अब तक 15 किलोग्राम कम हो गया है. वह अपनी सुरक्षा की व्यवस्था से भी संतुष्ट नहीं है. उन्हें जेल की एकांत कोठरी में रखा गया है. शहाबुद्दीन ने इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को सीबीआई और आप सरकार से जवाब मांगा है. याचिका में शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले साल फरवरी से कानून के खिलाफ और बिना किसी अदालती आदेश के यहां तिहाड़ जेल में एकांत कारावास में रखा गया है. शीर्ष अदालत ने पिछले साल 15 फरवरी को शहाबुद्दीन को बिहार में सीवान जेल से यहां तिहाड़ जेल स्थानांतरित करने का आदेश दिया था. उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद शहाबुद्दीन को 19 फरवरी 2017 को तिहाड़ जेल स्थानांतरित कर दिया गया था.

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