गुजरात की पूर्व CM आनंदी बेन पटेल बनीं मध्‍य प्रदेश की राज्‍यपाल, चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ

गुजरात की पूर्व CM आनंदी बेन पटेल बनीं मध्‍य प्रदेश की राज्‍यपाल, चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ

गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को राजभवन में मध्यप्रदेश की 27वीं गवर्नर के तौर पर शपथ ली। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने उन्हें शपथ दिलाई। सोमवार रात 8:25 बजे वे भोपाल पहुंचीं। 76 साल की आनंदीबेन ने बेटी अनार, बेटे संजय और परिवार के 15 सदस्यों के साथ गांधीनगर से उज्जैन तक 415 किलोमीटर का सफर चार्टर्ड बस से तय किया। राज्य सरकार ने स्टेट प्लेन भेजने की तैयारी कर ली थी, लेकिन उन्होंने बस में ही सफर जारी रखा। इस दौरान रास्ते में रोड शो जैसा माहौल रहा।

आनंदीबेन का काफिला शाम 4 बजे उज्जैन पहुंचा। यहां उन्होंने परिवार के साथ महाकाल का आशीर्वाद लिया। यहां से वे राजभवन की सरकारी गाड़ी से भोपाल के लिए रवाना हुईं।

आनंदीबेन उज्जैन पहुंचीं, तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ओंकारेश्वर में थे। यहां आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन कार्यक्रम था। इसमें बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट अमित शाह भी आने वाले थे, लेकिन नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री को तय कार्यक्रम के तहत शाम 6 बजे भोपाल आना था। माना जा रहा था कि वे भोपाल आने के बाद आनंदीबेन की अगवानी करेंगे, लेकिन वे ओंकारेश्वर से 10 किलोमीटर दूर सैलानी चले गए और रात में वहीं रहे। सीएम सुबह यहीं से शपथग्रहण समारोह में पहुंचे।

आनंदीबेन मध्य प्रदेश की दूसरी महिला गवर्नर हैं। इससे पहले 1989 में सरला ग्रेवाल राज्य की पहली महिला गवर्नर बनी थीं। बता दें कि सितंबर में, 2016 में रामनरेश यादव का टेन्योर खत्म होने के बाद गुजरात के गवर्नर ओम प्रकाश कोहली को मध्य प्रदेश के एडिशनल गवर्नर का चार्ज सौंपा गया था।

आनंदीबेन 1988 में बीजेपी में शामिल हुई थीं। पहली बार वे तब चर्चा में आईं, जब उन्होंने अकाल पीड़ितों के लिए इंसाफ मांगने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। साल 1995 में शंकर सिंह वाघेला ने जब बगावत की थी, तो उस कठिन दौर में उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ पार्टी के लिए काम किया। इसी वक्त वह मोदी की भरोसेमंद हो गईं।1998 में गुजरात कैबिनेट में आने के बाद से उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। उन्हें 1987 में 'वीरता पुरस्कार' से भी नवाजा जा चुका है। बता दें कि आनंदीबेन के पति मफतभाई पटेल साइकोलॉजी के प्रोफेसर थे।

सम्मान-
गुजरात में सबसे बेहतर शिक्षक के लिए राज्यपाल पुरस्कार (1988).
सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार (1989).
पटेल जागृति मंडल मुम्बई द्वारा 'सरदार पटेल' पुरस्कार (1999).
पटेल समुदाय द्वारा 'पाटीदार शिरोमणि' अलंकरण (2005).
महिलाओं के उत्थान अभियान के लिए धरती विकास मंडल द्वारा विशेष सम्मान.
महेसाणा जिला स्कूल खेल आयोजन में पहली रैंकिंग के लिए 'बीर वाला' पुरस्कार.
श्री तपोधन ब्रह्म विकास मंडल द्वारा 'विद्या गौरव' पुरस्कार (2000).
1994 में उन्होंने बिजिंग में चतुर्थ विश्व महिला सम्मेलन में भारत का नेतृत्व किया.
नर्मदा नदी स्थित नवगाम जलाशय में डूबती हुई लड़की को बचाने हेतु वीरता पुरस्कार.
चारुमति योद्धा पुरस्कार, अहमदाबाद की विजेता.
अंबुभाई व्यायाम विद्यालय पुरस्कार (राजपिपला) की विजेता.

loading...