10 दिन में पेट्रोल 2.68 रुपए और डीजल 2.58 रुपए बढ़ा, आज सरकार दे सकती है बड़ी राहत

लगातार दसवें दिन महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, मुंबई में कीमत 85 रुपये के करीब

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार बुधवार शाम को तेल कंपनियों के साथ मीटिंग करने जा रही है। ऐसी उम्मीद है कि इसमें एक्साइज डयूटी और वैट टैक्स को कम करने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा। पिछले 10 दिन से पेट्रोल 2.54 रुपए और डीजल 2.41 रुपए महंगा हुआ है। दिल्ली में बुधवार को डीजल का भाव 26 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 68.34 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया। वहीं, पेट्रोल के दाम 30 बढ़ाए गए जिसके बाद भाव 77.17 रुपए प्रति लीटर हो गया।

एक अफसर के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार तेजी ने सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। इसके लिए कदम उठाने होंगे। वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच बातचीत चल रही है। अफसर ने बताया कि एक्साइज डयूटी में कटौती की संभावना से इनकार नहीं कर रहा हूं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए और भी कदम उठाने होंगे। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि हर राज्य में वैट या स्थानीय टैक्स की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग हैं।

कर्नाटक चुनाव से पहले 19 दिन तक पेट्रोल डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया। कर्नाटक में 12 मई को मतदान हुआ था।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, "सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती हुई कीमतों को गंभीरता से ले रही है। पेट्रोलियम मंत्री बुधवार को तेल कंपनियों के साथ मुलाकात करेंगे। हम कीमतों को कम करने के रास्ते निकाल रहे हैं।"

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज डयूटी में 1-1 रुपए की कटौती करने पर सरकार को 13,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के दौरान जब क्रूड ऑयल के दाम घट रहे थे, सरकार ने 9 बार में पेट्रोल पर 11.77 रु. और डीजल पर 13.47 रु. एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। क्रूड महंगा होने पर सिर्फ एक बार, अक्टूबर 2017 में ड्यूटी 2 रु. प्रति लीटर घटाई।

कीमतों में बढ़ोतरी की 5 वजह
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने पिछले दिनों प्रोडक्शन घटाया है जिससे मांग बढ़ी है और तेल के दामों में इजाफा हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के बेंचमार्क रेट 84.97 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। 24 अप्रैल को ये 74.84 डॉलर प्रति बैरल थे। पिछले हफ्ते क्रूड का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा। नवंबर 2014 के बाद पहली बार दाम इस स्तर पर पहुंचे हैं।

 कर्नाटक चुनाव से पहले दाम स्थिर रखने से तेल कंपनियों को 500 करोड़ के घाटे का अनुमान है। ऐसे में नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया 68 के पार पहुंच गया, जिससे तेल का इंपोर्ट महंगा हुआ है। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा क्रूड इंपोर्ट करता है।

चार महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें

शहर              पेट्रोल(रु./लीटर)  डीजल(रु./लीटर)
दिल्ली                      76.87           68.08
कोलकाता                 79.53          70.63
मुंबई                        84.70           72.48
चेन्नई                        79.79           71.87

पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें

देश                                   पेट्रोल(रु./लीटर)    डीजल(रु./लीटर)
अफगानिस्तान                              46.66              39.04
श्रीलंका                                        63.90              47.06
पाकिस्तान                                    51.61              58.12
बांग्लादेश                                     71.50              52.22
भूटान                                          57.02              54.45
नेपाल                                          68.76              57.51

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