पान के औषधीय गुण जान कर आप हैरान रह जाएगें

 पान के औषधीय गुण जान कर आप हैरान रह जाएगें

हमारे देश में पान खाना एक बहुत ही सामान्य बात है. खाने के बाद पान खाना यहां की परंपरा में शामिल है. पान की पत्तियां कई रंगों में मिलती हैं। कुछ गहरे हरे रंग की होती हैं और कुछ हल्के रंग की। पान की पत्ती खाने में थोड़ी कसैली होती है लेकिन इसे खाने वाले इसमें सुपारी, कत्था, चूना और दूसरी कई चीजें मिलाकर खाते हैं. आमतौर पर लोग इसे गलत आदत मानते हैं लेकिन हर चीज की तरह इसके भी कुछ फायदे भी हैं।

हालांकि ये जरूर है कि पान खाकर इधर-उधर थूकना एक बेहद बुरी आदत है और पान खाने वालों को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पान खाने के बाद कूड़ेदान का ही इस्तेमाल करें न कि किसी दीवार और सड़क का।

पान महज एक माउथ फ्रेशनर ही नहीं, बल्कि  एफ्रोडेजिएक यानी लव फूड भी है। इसमें कामेच्छा बढ़ाने की जबरदस्त ताकत होती हैं। इसलिए जो शादी की पहली रात को नए नवेले जोड़े को मसाला पान खिलाने का रिवाज है।  

पान के पत्तों में थियामाइन, नियानसिन, रिबोफ्लैविन, कैरोटीन, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम, कैलसियम, आयरन और आयोडिन होता है। 

प्राचीन आयुर्वेद में तो पान के औषधीय गुणों का वर्णन है ही, अब अंग्रेजी चिकित्सा भी मानती है कि पान के पत्ते (बिना तंबाकू के) को चबाने से पेट की बीमारियों से राहत मिलती है। इनमें पेट का अल्सर भी शामिल है। 

भागमभाग भरी जिंदगी में ज्यादातर लोगों को पाचन संबंधी शिकायतें होना आम है। पान चबाने से बनने वाला स्लायवा भोजन को पचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इसलिए रोजाना एक या दो पान के पत्ते जरूर चबाएं, और फिट हो जाएं।

पान के पत्ते में ब्लड शुगर से लड़ने वाली और एंटी डायबिटिक प्रॉपर्टीज होती हैं। एक चौंकाने वाला सच ये भी है कि पान चबाने से मुंह का कैंसर पास नहीं फटकता। लेकिन ये बात तभी लागू है जब पान बिना तंबाकू के इस्तेमाल किया जाए। 

जिन लोगों के मुंह से बदबू आती है। उन्हें पान चबाना चाहिए। पान बदबू वाले बैक्टीरिया पर प्रहार करता हैं और मुंह को इस तरह की बीमारियों से बचाता है। अच्छे परिणाम के लिए पान को लौंग, इलाइची, दालचीनी, सौंफ, मिश्री, नारियल, इत्यादी के साथ माउथ फ्रेशनर के तौर पर इस्तेमाल करें। 

घाव पर पान के पत्ते का रस लगाएं। घाव बड़ा है तो रस लगाकर पट्टी कर दें। छोटा-मोटा घाव तो दो दिन भर जाएगा।

loading...